प्रदेश भर में करोड़ों के छात्रवृत्ति घोटाले की जांच की आंच आखिरकार हरिद्वार तक आ पहुंची। विजिलेंस की एक टीम ने ज्वालापुर में हाईवे पर स्थित रामानंद इंस्टीट्यूट पहुंचकर छात्रवृत्ति से जुड़ी फाइलें खंगाली। हालांकि कालेज के अनुसार उनके सभी दस्तावेज सही पाए गए हैं। सूत्रों की मानें तो विजिलेंस टीम शनिवार और सोमवार को फिर जिले के कई निजी शिक्षण संस्थानों में दस्तक दे सकती है।
प्रदेश में निजी आईटीआई व कालेजों ने सरकार को छात्रवृत्ति के नाम पर करोड़ों का चूना लगा डाला। संस्थान ऐसे हजारों छात्रों की छात्रवृत्तियां डकार गए, जो उनके संस्थानों में पढ़ते ही नहीं। यूपी सहित गैर जनपदों के फर्जी छात्रों के दाखिले दिखाकर सरकार से छात्रवृत्ति हड़प ली गई। हरिद्वार जिले में कई आईटीआई व प्राइवेट कालेजों ने भी छात्रवृत्ति के फर्जीवाड़े में अपना हुनर बखूबी दिखाया।
बहरहाल मामले की जांच अब विजिलेंस को सौंपी गई है। विजिलेंस की एक टीम ने हरिद्वार में दस्तक भी दे दी। ज्वालापुर में हाईवे पर स्थित रामानंद इंस्टीटयूट पहुंची जांच टीम ने पिछले कुछ सालों में एडमिशन लेने वाले छात्र छात्राओं की छात्रवृत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच पड़ताल की।
इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर दीपक कुमार ने खुद इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि विजिलेंस की टीम जांच के लिए आई थी। हमने छात्रवृत्ति से जुड़े दस्तावेज उन्हें दिखाए हैं, सभी दस्तावेज सही पाए गए हैं। जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा। वहीं सूत्र बताते हैं कि जांच टीम शनिवार और सोमवार को भी जिले के अलग अलग संस्थानों में जाकर जांच पड़ताल कर सकती है।