फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड के बागी विधायकों की उड़ी नींद, डर कहीं भाजपा पीछे ना खींच ले कदम

Mon, 21 Mar 2016 09:25 AM IST
ओम प्रकाश/अमर उजाला, गुड़गांव
विज्ञापन
विजय बहुगुणा - फोटो : file photo
विज्ञापन
उत्तराखंड के राज्यपाल केके पाल के निर्णय ने कांग्रेस के बागी विधायकों की नींद उड़ा दी है। मुख्यमंत्री हरीश रावत को बहुमत साबित करने के लिए दिए गए नौ दिन अब बागियों को पहाड़ लग रहे हैं।
विज्ञापन


दलबदल कानून के तहत जारी किए गए नोटिस ने भी उनकी बेचैनी बढ़ा दी है। बागियों को आशंका है कि बहुमत साबित करने से पहले कांग्रेस उन्हें अयोग्य न ठहरा दे। ऐसा हुआ तो हरीश बहुमत जुटा लेंगे।

गुड़गांव के होटल लीला में ठहरे कांग्रेस के बागी 9 विधायकों में शनिवार जैसी तल्खी और तेजी नहीं दिखी। रविवार को वह होटल से बाहर नहीं आ रहे थे। मुश्किल से लॉबी में आकर बात करने को राजी हुए। वह भी ऑफ द रिकॉर्ड बातचीत करने की शर्त रखी।
विज्ञापन

बहुमत भाजपा और बागियों के पास है

कांग्रेस के बागी विधायक
विधायक सुबोध उनियाल ने अमर उजाला से कहा कि राज्यपाल ने किसी साजिश के तहत हरीश रावत को इतना लंबा वक्त दिया है। नौ बागी विधायकों के खिलाफ दलबदल कानून के तहत जो नोटिस दिया गया है, उसका 26 को जवाब देना है। उन्हें आशंका है कि कहीं इसी दिन उन्हें कांग्रेस अयोग्य न ठहरा दे।

इसलिए उन लोगों ने राष्ट्रपति से मिलने का वक्त मांगा है। इस होटल में कांग्रेस के बागियों सहित 35 विधायक ठहरे हैं। भाजपा का एक विधायक जेल में है। इस तरह उनके पास बहुमत के लिए 36 का संख्या बल है।

इसलिए उनकी कोशिश है कि विधानसभा से पहले वह राष्ट्रपति के यहां परेड कर साबित कर दें कि हरीश रावत सरकार सदन का विश्वास खो चुकी है और बहुमत भाजपा और बागियों के पास है। ऑफ द रिकॉर्ड कुछ का कहना है कि उन्हें ऐसा लग रहा है भाजपा ने उनके साथ एक कदम आगे बढ़ाकर दो कदम पीछे खींच लिए हैं। कांग्रेस स्थिति के प्रबंधन में अब भाजपा से आगे दिख रही है।
विज्ञापन

भाजपा के 26 विधायक भी होटल लीला में ठहरे हुए हैं

हरीश रावत - फोटो : file photo
-कांग्रेस के बागी विधायकों के साथ भाजपा के 26 विधायक भी होटल लीला में ठहरे हुए हैं, लेकिन अब तक भाजपा के विधायक सामने नहीं आए।

-सुबह से शाम तक होटल में कांग्रेस के बागी और उत्तराखंड के भाजपा नेताओं के समर्थकों का आना-जाना लगा रहा। उत्तराखंड नंबर की गाड़ियों की लाइन लगी रही। यहां हरिद्वार के मेयर भी पहुंचे।

-बागी विधायकों का कहना है कि उन्होंने सरकार के खिलाफ जाने का फैसला राज्य हित में लिया है। उनकी खरीद-फरोख्त नहीं हुई है। हरीश रावत की सरकार गिरने की स्थिति में मुख्यमंत्री कौन बनेगा इस सभी चुप्पी साधे हुए हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें