आदि कैलाश और चीन सीमा को जोड़ने वाली तवाघाट-गुंजी सड़क दो दिन से बंद है इससे व्यास घाटी का संपर्क कटा है। तमाम कोशिश के बाद भी बीआरओ इस सड़क पर आवाजाही शुरू नहीं करा सका। सड़क के दोनों तरफ फंसे यात्री और वाहन चालक आवाजाही शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं दारमा और चौदास घाटी को जोड़ने वाली धारचूला-तवाघाट बॉर्डर रोड पर भी आठ घंटे यातायात ठप रहा। इस दौरान जगह-जगह वाहन और यात्री फंसे रहे। भूस्खलन से जिलेभर में बुधवार को 19 से अधिक ग्रामीण मोटर मार्गों पर भी आवाजाही ठप रही। इस कारण हजारों लोग परेशान रहे।
कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर तवाघाट-गुंजी के बीच मलघाट में बीते मंगलवार की सुबह पांच बजे भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आने से मार्ग बंद हो गया। ऐसे में व्यास घाटी, आदि कैलाश और चीन सीमा को जोड़ने वाली इस सड़क पर दिनभर वाहनों का आवागमन ठप रहा। शाम के समय मलघाट में मलबा हटाया जा सका लेकिन कुछ देर बाद ही फिर से पहाड़ी दरकने से सड़क बंद हो गई। बीआरओ की टीम बुधवार को भी सुबह से मलबा हटाने में जुटी रही। इसमें बमुश्किल दोपहर दो बजे सफलता मिली। मगर दो घंटे बाद फिर से मलबा और बोल्डर गिरने से सड़क पर आवागमन ठप हो गया। ऐसे में व्यास घाटी का दो दिनों से संपर्क कटा है। देर शाम तक भी इस हाईवे पर आवाजाही शुरू नहीं हो सकी। चीन सीमा पर दारमा तथा चौदास घाटी को जोड़ने वाली धारचूला-तवाघाट सड़क भी कुलागाड़ और ऐलागाड़ में भूस्खलन से बंद हो गई। दोपहर करीब एक बजे इस सड़क पर यातायात सुचारु किया जा सका।
चीन सीमा को जोड़ने वाली इन दोनों सड़कों पर भूस्खलन की दृष्टि से कई डेंजर जोन हैं। क्षेत्र में यदि बारिश जारी रही तो इन इलाकों में फिर भूस्खलन की संभावना बनी हुई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर ने कहा कि बंद सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी मशीनें लगी हैं। जल्द सभी सड़कों पर आवाजाही शुरू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
19 से अधिक ग्रामीण सड़कों पर यातायात ठप