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बीच सड़क 48 घंटे के उपवास पर बैठे पूर्व शिक्षा मंत्री

Tue, 19 Apr 2016 04:14 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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मंत्री प्रसाद नैथानी
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अतिथि शिक्षकों के समर्थन में पूर्व शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने सोमवार को राजभवन कूच किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें कनक चौक पर रोक लिया। इस पर पूर्व मंत्री नैथानी सड़क के बीचों बीच 48 घंटे के उपवास पर बैठ गए। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, विधायक गणेश गोदियाल, जीत राम, ललित फर्स्वाण ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए धरना दिया।
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अतिथि शिक्षकों के समर्थन में सड़क के बीचों बीच धरने पर बैठे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि प्रदेश में सहायक अध्यापक एलटी की नियुक्ति और एलटी के प्रवक्ता के पद पर प्रमोशन के बावजूद आठ हजार से अधिक पद रिक्त हैं। विभाग में रिक्त इन पदों के विपरीत 6126 अतिथि शिक्षकों को रखा गया।

 इनका सेवा का विस्तार होना था, लेकिन राष्ट्रपति शासन लगते ही चुनी हुई सरकार के निर्णय को बदल दिया गया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें चिंता छह हजार अतिथि शिक्षकों की नहीं बल्कि उन लाखों बच्चों की है जो बगैर शिक्षकों वाले स्कूलों में पढ़ रहे हैं।
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पूर्व शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग को लेकर राजभवन में उपवास पर बैठना चाहते हैं, लेकिन उन्हें रोक दिया गया, वे कोई आतंकवादी नहीं हैं। पूर्व मंत्री ने कहा कि राज्यपाल अतिथि शिक्षकों के मसले को लटकाए रखने के बजाए हां या ना में जवाब दें। इससे पूर्व राजभवन कूच करने वालों में पूर्व मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल, कांग्रेस विधायक गणेश गोदियाल, ललित फर्स्वाण, डा.जीत राम भी शामिल रहे। 

59 स्कूलों में शिक्षकों के पद नहीं हुए सृजित 
पूर्व शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी, पूर्व मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल व विधायक गणेश गोदियाल ने अतिथि शिक्षकों के मसले पर स्थानीय प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में कहा गया कि अतिथि शिक्षकों को अप्रैल महीने से 15 हजार रुपये मानदेय, 59 स्कूलों में शिक्षकों के पद सृजित करने, 38 स्कूलों में विज्ञान वर्ग के विषय खोलने की संस्तुति मंत्री परिषद की बैठक में की थी। इस मामले को लेकर आठ अप्रैल को आपसे मिलने के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
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