घेराबंदी कर टीम ने राहुल शर्मा उर्फ राम व अभिषेक सिंह उर्फ अंकुर को दबोचा। शूटर राहुल शर्मा काफी समय से ईस्ट मुंबई के सांताक्रूज के गोलीवार में रहता था। दोनों से पूछताछ में एसटीएफ को जानकारी मिली कि 21 मार्च को लोहता में हुई मुठभेड़ में ढेर दो लाख का इनामी मनीष सिंह उर्फ सोनू के अलावा एक और बदमाश भी हत्या में शामिल था। इसकी तलाश में एसटीएफ लगी हुई है। न्यायालय में दोनों शूटरों को पेश करने के बाद विरार पुलिस दोनों को अपने साथ मुंबई ले गई।
एसटीएफ के अनुसार गिरफ्तार राहुल शर्मा उर्फ राम वर्ष 2013 में मुंबई के निरमल नगर निवासी विजय पुजारी उर्फ बट्टा की हत्या में आजीवन कारावास की सजा पा चुका है और तभी से फरार चल रहा था। फरारी के दौरान ही वर्ष 2013 में राहुल ने मुंबई के रहने वाले अजील शेख पर फायरिंग की थी। वर्ष 2015 में मीरारोड थाना अंतर्गत पुष्पक होटल के पास बंटी प्रधान की गोली मारकर हत्या की थी।
बिल्डर समर चौहान की हत्या के साथ ही तीनों घटनाओं में वह वांछित चल रहा था। जबकि कपसेठी निवासी अभिषेक सिंह पर भी आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। मुंबई में वारदात को अंजाम देने के बाद यह सीधे बनारस और पूर्वांचल का रुख करते थे। एसटीएफ को यह भी जानकारी मिली है कि हत्या को अंजाम चार शूटरों ने दिया था।
इसमें मनीष सिंह सोनू मुठभेड़ में मारा गया और उस समय बाइक से एक और आरोपी जो भाग निकला था, संभवत: वह भी बिल्डर की हत्या में शामिल था। शूटरों ने एसटीएफ को बताया कि बड़ी वारदात को अंजाम देने के बाद मनीष सिंह सोनू मुंबई में ही शरण लेता था। पिछले तीन-चार साल से वह मुंबई में रह रहा था।