इस योजना के तहत बायो गैस प्लांट लगाए जाएंगे। इन गैस प्लांटों के लिए गांव से किसानों व पशु पालकों से गोबर खरीदा जाएगा और उसके बदले उन्हें बायो गैस दी जाएगी, जिससे वह खाना पका सकते हैं। उन्हें चूल्हे में लकड़ी व उपले जलाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इस योजना के तहत बायो गैस रसोईयों का निर्माण भी कराया जाएगा। इस योजना में सभी पशुओं को गोबर, रसोई का गिला कूड़ा, फल-सब्जियों के छिलके, बची ही दाल-सब्जी सभी प्रयोग की जाएगी। इसे बायोगैस बनेगी, जो बेची जाएगी। जिससे आमदनी होगी और साथ ही बायोगैस प्लांट के निकली गंदगी को खेतों में डालकर भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ा सकते हैं।
450 गोशाला और नंदीशालाओं के 3.41 लाख पशुधन का गोबर किया जाएगा प्रयोग
गोबरधन योजना के शुभारंभ के दौरान सीएम मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा में लगभग 450 गोशाला और नंदीशालाएं है, जिनमें लगभग 3 लाख 41 हजार पशुधन है और इस पशुधन के गोबर का उपयोग किया जाएगा। राज्य सरकार पशुधन के गोबर से गोबर गैस प्लांट लगाने की व्यवस्था कर रही है। राज्य में जो भी ग्राम पंचायत गोबर गैस का प्लांट अपने गांव में लगाना चाहती है, सरकार उस ग्राम पंचायत का पूरा सहयोग करेगी।
सड़क के नीचे दबाई जाएगी वेस्ट प्लास्टिक व पॉलिथिन
केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने कहा कि प्लास्टिक और पॉलिथिन वेस्ट का समाधान भी निकाला गया है और अब इस प्रकार के वेस्ट को सड़कों के नीचे दबाया जा सकता है। हरियाणा और पंजाब कुछ क्षेत्र डार्क जोन में आ गए है और उन्हें उम्मीद है कि हरियाणा इन डार्क जोन के क्षेत्रों को उभारने में अगुवाई करेगा।
अफसरों को कहा ये अंग्रेजों वाला जमाना नहीं है, जिले में सेवक बनकर करें काम
केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने आईएएस अफसरों को कहा कि वे मान कर चले कि यह अंग्रेजों वाला जमाना नहीं है कलेक्टर, कमिश्नर का। यह आजाद हिंद का जमाना है। जब प्रधानमंत्री देश का पहला सेवक है तो जिले का कलेक्टर भी जिले का पहला सेवक बनकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि आईएएस शुरूआत के पांच से सात साल तक जोश में कार्य करते हैं, फिर इन्हें बेटी की शादी सहित घर की चिंता होने लगती है। इस लिए नए आईएएस को ही नई योजनाओं पर कार्य कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार काम के जोश में आईएएस की मंत्रियों के साथ की गहमा-गहमी हो जाती है तो कई बार हीरो गिरी को लेकर भी।