झज्जर। सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक में हुए 19 लाख रुपये के गबन में अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई। पुलिस को रिकाॅर्ड मिलने का इंतजार है जबकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आईओ को कौन रिकाॅर्ड देने से मना करेगा, वह ले सकते हैं।
वहीं इस मामले में सामने आया है कि जिस समय कमेटी जांच कर रही थी, उस समय एनएचएम लेखाकार अखिल कमेटी के समक्ष पेश हुआ था। उसने बैंक स्टेटमेंट भी पेश की थी। जब जांच कमेटी ने स्टेटमेंट की जांच की तो वह भी फर्जी निकली। उसे अखिल तैयार करके लाया था। उसी के आधार पर कमेटी ने अखिल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके पैसों की रिकवरी ब्याज सहित करने की सिफारिश की थी।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर थाना पुलिस को लिखित शिकायत दी गई लेकिन अब तक पुलिस की ओर से इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पुलिस की मानें तो उनको रिकाॅर्ड की जरूरत है। रिकाॅर्ड मिलने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। वहीं कार्यवाहक सिविल सर्जन डॉ. तीर्थ बागड़ी का कहना है कि आईओ को रिकाॅर्ड देने से कौन मना करेगा। पूरा रिकाॅर्ड क्लर्क और अन्य कर्मचारियों के पास है। यदि वह उनसे लेंगे तो देना ही होगा। विभाग पुलिस को पूरा सहयोग करने को तैयार है।