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Thakur Politics : आनंद मोहन ने मनोज झा को राजद के लिए बताया फिटकिरी; कहा- राजद के शीर्ष नेतृत्व को समझा रहे हम

Thu, 28 Sep 2023 03:19 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar News : पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह ने कहा कि हम राजद के शीर्ष नेतृत्व को समझा रहे कि रंग बदलने वाले नेताओं से होशियार हो जाएं। राज्यसभा सांसद मनोज झा को फिटकिरी का विशेषण देते हुए उन्होंने राजपूतों के साथ मनोज झा के परिवार की भी कहानी सुनाई।
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पूर्व सांसद आनंद मोहन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार में 'ठाकुर' शब्द को लेकर शुरू हुआ सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व सांसद आनंद मोहन ने एक बार फिर से राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के करीबी और राज्यसभा सांसद मनोज झा पर निशाना साधा है। उन्होंने मनोज झा की तुलना फिटकरी से कर दी है। आनंद मोहन ने कहा कि जिस तरह से फिटकरी का इस्तेमाल शेविंग के बाद किया जाता है। यह कीटाणु नाशक है और एक क्विंटल दूध में एक ढेला इसको डाल दीजिए दूध फट जाएगा। यह जमने ही नहीं देगा। वह फिटकरी 'मिस्टर झा' हैं।

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मैं शीर्ष नेतृत्व को समझाने की कोशिश कर रहा हूं
आनंद मोहन ने मनोज झा पर आरोप लगाया कि वह नहीं चाहते हैं जो हिंसक जातियां हैं इकट्ठा हों। यह एजेंट बनकर बैठे हैं पार्टी में। केन्द्र में जो सरकार है उसके एजेंट हैं। इनके बड़े पिता जी की कहानी जानता हूं। आनंद मोहन ने आरोप लगाया कि वह समाजवादी का चोला पहने हुए थे, जैसे ही कांग्रेस की सरकार बनी समाजवादी चोला उतारकर कांग्रेस में मंत्री बन गए। राजद इस बात नहीं समझ रही है। मैं शीर्ष नेतृत्व को समझाने की कोशिश कर रहा हूं। ऐसे लोग तभी तक राजद में रहेंगे जब तक पार्टी का अस्तित्व में खतरे में रहेगी। जैसे ही लगेगा कि राजद कमजोर हो गई, वह भाजपा की गोद में चले जाएंगे।



कल कहा था- मैं सदन में होता तो जीभ खींचकर आसन की तरफ उछाल देता
आनंद मोहन ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि आनंद मोहन बंदूक उठाकर अपनी ही सरकार के खिलाफ जंग लड़ा। अगर मैं उस वक्त राज्यसभा में होता तो ठाकुर पर टिप्पणी करने वाले की जीभ खींचकर आसन की तरफ उछाल देता। यह अपमान बर्दाश्त नहीं होगा। हम जिंदा कौम के लोग। सदन में महिला बिल पर बहस हो रही थी और बात कर रहे थे ठाकुर की। कहीं पर निगाहें और कहीं पर निशाना। आप अगर इतने बड़े समाजवादी हैं तो आपने अपने नाम में टाइटल क्यों लगाया। आनंद मोहन ने बिना नाम लिए मनोज झा से कहा कि जिस सरनेम की आप आलोचना करते हैं, पहले उसको तो छोड़कर आइए। आप आज कह रहे हैं कि अंदर के ठाकुर को मारो। मैं कहता हूं कि ठाकुर को कहां-कहां से मारोगे। 

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