संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक गतिविधि कैलेंडर को मंजूरी दी है। यह कैलेंडर एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के तहत तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों में सांस्कृतिक समझ और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है। यह पहल हरियाणा और तेलंगाना राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर केंद्रित होगी।
कैलेंडर के अनुसार अगस्त 2026 से मार्च 2027 तक विभिन्न मासिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें तेलंगाना के प्रमुख त्योहारों जैसे बोनालू, पीरला पंडुगा, संक्रांति/पेद्दा पंडुगा और बथुकम्मा का उत्सव शामिल हैं। छात्र तेलंगाना की वेशभूषा, संगीत, भोजन और ऐतिहासिक स्थानों के बारे में जानेंगे। हिंदी और तेलुगु में फलों, सब्जियों और फूलों के नाम सीखने जैसी भाषा-आधारित गतिविधियां भी होंगी। अक्तूबर में पीरला पंडुगा का उत्सव रहेगा। इसमें हैदराबाद के 10 ऐतिहासिक स्थानों पर चित्र बनाने/प्रस्तुति देने और दशहरा मनाने पर चर्चा होगी।
गिनती प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। राज्य परियोजना निदेशक ने सभी जिला परियोजना समन्वयकों को निर्देश दिए हैं। उन्हें अपने जिलों के स्कूलों में इन गतिविधियों को निर्धारित समय पर आयोजित करने का निर्देश देना होगा। ब्लॉक संसाधन व्यक्ति (बीआरपी) और सहायक ब्लॉक संसाधन समन्वयक (एबीआरसी) स्कूल स्तर पर इन गतिविधियों की निगरानी करेंगे।
सभी गतिविधियों को संबंधित महीने की 20 तारीख तक पूरा करना अनिवार्य है। इसकी रिपोर्ट महीने की 25 तारीख तक मुख्यालय को भेजनी होंगी।
नवंबर में दशहरा पर चित्रकला प्रतियोगिता और असेंबली चर्चाएं आयोजित होंगी। दिसंबर में हरियाणा में दिवाली का उत्सव मनाया जाएगा, जिसमें रंगोली और कक्षा सजावट मुख्य गतिविधियां होंगी। जनवरी में संक्रांति/पेद्दा पंडुगा और भोगी महोत्सव मनाने की विधि पर जानकारी दी जाएगी। इसमें त्योहार पर खाए जाने वाले भोजन और पहने जाने वाले वस्त्रों के बारे में जानना शामिल होगा। फरवरी में तेलंगाना में बथुकम्मा का उत्सव होगा। इसमें फूलों के नाम सीखने, बथुकम्मा उत्सव पर पावरपॉइंट प्रस्तुति और तेलंगाना के आसपास के राज्यों के बारे में जानने जैसी गतिविधियां होंगी।