प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर समिट में विभिन्न कंपनियों ने एग्रो और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में 6263.99 करोड़ रुपये के निवेश समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, पंजाब चूंकि कृषि प्रधान राज्य है लिहाजा यहां एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग प्रोजेक्टों से विकास की रफ्तार तेज होगी, जिससे किसानों को फायदा होगा।
राज्य में फूड प्रोसेसिंग यूनिटें न होने के कारण किसानों को अपनी फसल मजबूरी में दलालों के जरिए बेचनी पड़ती है। यह दलाल तकरीबन सभी शहरों में बनी एसी गोदामों में माल रखते हैं और बाजार भाव के मुताबिक उसे मार्केट में उतारते हैं।
पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (पीएयू) ने प्रोसेसिंग तकनीक तैयार की है, लेकिन महंगी होने के कारण किसान उसे अपना नहीं सकते। यही कारण है कि किसान आड़ू, किन्नू और आलू की फसल तुरंत बेचने को मजबूर होते हैं। कई बार आलू की बंपर फसल होने पर किसान उसे सड़कों पर फेंकने को मजबूर होते हैं।
कृषि आर्थिक विशेषज्ञ डा. एसएस जौहल ने कहा कि लॉजिस्टिक पार्क बनने से प्रोसेसिंग सेक्टर से जुड़ी कंपनियां सीधे किसानों से माल खरीदेंगी और उसे लॉजिस्टिक पार्क के जरिए अपनी यूनिटों में भेज सकती हैं।
किसानों को मंडियों, दलालों से मिलेगा छुटकारा
उद्योग मंत्री मदन मोहन मित्तल ने कहा कि गांव में प्रोेसेसिंग यूनिटों की स्थापना से ग्रामीण आर्थिक रूप से मजबूत होंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
उन्होंने कहा कि कंपनियां छोटे और बड़े सभी किसानों से माल खरीदेंगी। अब किसानों को मंडियों और दलालों से छुटकारा मिलेगा।
एग्रो एवं फू ड प्रोसेसिंग सेक्टर में निवेश करने वाली कंपनियां-
कंपनी प्रोजेक्ट निवेश (करोड़)
आईटीसी इंटीग्रेटेड फूड प्रोसेस, लॉजिस्टिक पार्क 680
कंटेनर कारपोरेशन आफ इंडिया लाजिस्टिक पार्क 500
ट्राइडेंट क्राफ्ट पेपर 700
ट्राइडेंट स्पिनिंग यूनिट 550
जेबा एग्रो प्रा. लि. मीट प्रोसेसिंग यूनिट 300
दिग्विजय केमिकल मल्टी मॉडल लाजिस्टिक पार्क 300
वीआईआर फूड मेगा फूड पार्क 250