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सांस में तकलीफ, आंखों-फेफड़ों में हो रही जलन

Tue, 08 Nov 2016 01:50 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
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प्रदूषण्‍ा
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ठंड ने अभी पूरी तरह से दस्तक नहीं दी है लेकिन सोमवार की सुबह का नजारा कोहरे जैसी धुंध से पटा था और ये धुंध शाम तक और गहरी होती चली गई। इसी दौरान दिल्ली में प्रदूषण के खतरनाक हालात टीवी पर देखने वाले शहर के लोगों ने जब धुंध देखी तो सहम गए। पहले तो कुछ देर तक लगा कि मौसम खराब है लेकिन जब काफी देर तक स्थिति वैसी ही रही और आंखों में जलन होने लगी तो लोग बेचैन होने लगे। परेशान लोग अपने घर लौटने लगे। कुछ लोग डॉक्टरों के पास भी पहुंच गए।
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सिगरा के रहने वाले कारोबारी कौशल सिंह सुबह अपनी बेटी को छोड़ने छावनी स्थित स्कूल गए थे। दोपहर 12 बजे बेटी को स्कूल से लेकर लौट रहे तो उनकी और बेटी दोनों के आंखों में जलन होने लगी। घर पहुंच कर चेहरा धोने के बाद वह कमरे में बंद हो गए। डॉक्टर से संपर्क किया तो पता चला कि यह प्रदूषण का असर है। शहर में काफी लोगों की हालत ऐसी ही थी। डर के कारण कई अभिभावकों ने मंगलवार को अपने बच्चों को स्कूल न भेजने का फैसला कर लिया है।

72 घंटे तक रहेगी दिल्ली से आई धुंध
़ बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. एसएन पांडेय का कहना है कि सुबह कोहरे जैसी धुंध दिल्ली की ही धुंध है। बनारस में छाई धुंध का असर करीब 72 घंटे तक रहेगा। तब तक लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। प्रो. पांडेय का कहना है कि दक्षिण पूर्वी हवाओं के जरिये लखनऊ से होते धुंध बनारस पहुंची है। दीपावली पर छोड़े गए पटाखों के धुएं का कार्बन, वाहनों से निकलने वाले कार्बन मोनो ऑक्साइड और मौसम में परिवर्तन के चलते वाय ुमंडल में मौजूद जल वाष्प के आपसी संपर्क के कारण ये धुंध पैदा हुई है। उनका कहना है जिस तरह से पर्यावरण में दिनोंदिन प्रदूषण बढ़ रहा है, इसके चलते हमें इस बार ठंड में कोहरे से ज्यादा धुंध का सामना करना पड़ सकता है। जनजीवन के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
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उधर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी घनश्याम का कहना है कि वाराणसी और आसपास के जनपदों में प्रदूषण का यह ग्लोबल असर है।
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