चिकित्सा शिक्षा सचिव और कमिश्नर ने सोमवार को सुशीला तिवारी अस्पताल का निरीक्षण किया। बाद में अस्पताल प्रबंधन के साथ मीटिंग भी की। इसमें तय किया गया कि सुशीला तिवारी अस्पताल में इलाज में आने वाली अड़चन और कार्यरत कर्मियों की लंबित समस्याओं को जल्द ही दूर किया जाएगा।
डायलिसिस मशीन, वेंटीलेटर की खरीद होगी
मीटिंग में एनस्थीसिया और सर्जरी विभाग के बीच चल रहे गतिरोध की बात सामने आई। सचिव ने कहा कि डाक्टरों के मध्य के विवाद का असर मरीजों पर नहीं पड़ना चाहिए। अगर ऐसा होता है तो प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई होगी। प्राचार्य डा. सीपी भैसोड़ा ने कहा कि वेंटीलेटर के कारण दिक्कत आती है।
इस पर सचिव ने तत्काल छह वेंटीलेटर की खरीद की प्रक्रिया शुरू करने को कहा। इसी तरह डायलिसिस मशीन का मुद्दा भी उठा, जिस पर सचिव ने कहा कि खरीद की प्रक्रिया शुरू करें, बाकी औपचारिकता बाद में होती रहेंगी। इसके अलावा एंबुलेंस का भी प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया है।
ट्रामा सेंटर और बर्न यूनिट होगी तैयार
मीटिंग में शामिल निदेशक डा. आशुतोष सयान ने बताया कि सालों से सात करोड़ रुपए ट्रामा सेंटर के लिए रखे हुए हैं। उसका उपयोग वन भूमि के पेच के कारण नहीं हो पा रहा है। अब इमरजेंसी के पास ट्रामा सेंटर की सुविधा विकसित की जाएगी।
इसके लिए इमरजेंसी के पास कई भवनों को खाली कराने के बाद उसे अपग्रेड किया जाएगा। मीटिंग में न्यूरो सर्जरी विभाग के आपरेशन थियेटर की फंक्शनिंग का मुद्दा भी मामला उठा।
इस संबंध में सचिव ने सभी सुविधाओं को जुटाने के साथ आपरेशन थियेटर को तैयार करने को कहा। इसके अलावा 10 लाख की लागत से बर्न यूनिट को तैयार करने का काम भी जल्द शुरू करने का निर्देश दिया।
टीबी चेस्ट विभाग के अपग्रेडेशन में वन भूमि का पेच होगा दूर
टीबी चेस्ट विभाग के अपग्रेडेशन की योजना करीब आठ साल से लंबित है। जब सचिव ने योजना की प्रगति क्यों नहीं हो रही है? का सवाल कालेज प्रबंधन से किया तो पता चला कि पहले जमीन रेशम विभाग की थी।
रेशम विभाग ने यह जमीन वन विभाग से ली थी। इसलिए वन भूमि का पेच है, तो सचिव न कहा कि वन विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग कर मामले को जल्द सुलझाएं। वन भूमि हस्तांतरण की बात है तो देहरादून से ही यह दिक्कत दूर करा ली जाएगी।
मीटिंग में डाक्टर समेत अन्य विभाग के कर्मियों की वेतन विसंगति का मामला भी उठा। प्राचार्य से लेकर चिकित्सा अधीक्षक ने वेतन विसंगति की समस्या को उठाया, तो चिकित्सा शिक्षा सचिव ने माना कि विसंगति की समस्या लंबे समय से बनी हुई है और कर्मियों की मांग जायज है।
संविदा कर्मियों ने नियमित करने की मांग सामने रखी। आश्वस्त किया गया कि जल्द ही दिक्कतों को दूर किया जाएगा।
नर्सिंग कालेज का निरीक्षण
इससे पूर्व चिकित्सा शिक्षा सचिव ने नर्सिंग कालेज का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि हल्द्वानी नर्सिंग कालेज में ही अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ का नर्सिंग कॉलेज भी शुरू होगा। बाद में भवन तैयार होने पर उन्हें शिफ्ट कर दिया जाएगा।
इसी तरह टिहरी में चमोली की क्लास लगेगी। इसके लिए करीब सभी आवश्यक संसाधन जुटा लिए गए हैं। बता दें कि अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, हल्द्वानी, टिहरी और चमोली में नर्सिंग कालेज शुरू करने को मान्यता मिली है।
अफसरों को लिया आड़े हाथ
निरीक्षण की शुरुआत प्रस्तावित लाइब्रेरी से हुई। लेकिन, यहां की व्यवस्था देखते ही सचिव भड़क उठे। लाइब्रेरी में कई गेट बना दिए गए थे। इसके अलावा सीसीटीवी की कोई व्यवस्था नहीं थी। साथ ही एसी भी नहीं लगा था।
लाइब्रेरी में अलग-अलग चैंबर बना दिए गए थे। पूछे जाने पर मौके पर निर्माण को लेकर परियोजना से जुड़े अधिकारी से लेकर लाइब्रेरियन तक कोई जवाब नहीं दे सका। इस पर सचिव ने आड़े हाथ लिया।
लाइब्रेरी इंचार्ज को किसी बेेहतर लाइब्रेरी में ट्रेनिंग लेने की सलाह तक दे डाली। कहा सुरक्षा के लिए बार कोड जैसी व्यवस्था को लागू किया जाए। नर्सिंग कालेज में गंदगी, अव्यवस्था को लेकर भी सचिव ने नाराजगी जताई और जो-जो कार्य हो रहा है, उसका फोटोग्राफ भेजने को कहा। उन्होंने कहा कि अगर सुधार नहीं हुआ, तो कार्रवाई तय है।
15 को लोकार्पण की तैयारी
नर्सिंग कालेज, लाइब्रेरी आदि की 15 नवंबर को लोकार्पण की तैयारी है। इसमें सीएम हरीश रावत, स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिह नेगी, वित्तमंत्री डा. इंदिरा हृदयेश इसमें शामिल होंगी। इस निरीक्षण को इन्हीं लोकार्पण की तैयारियों के सिलसिले से भी देखा जा रहा है। इस दौरान सीडीओ चंद प्रकाश मौजूद थे।