डिंपल चतुर्वेदी
सामग्री- कमलककड़ी की दो स्टिक्स, दो कटोरी भीगे हुए चने, खड़ा गरम मसाला, जावित्री, दालचीनी, 2-4 काली मिर्च, पिसा गरम मसाला, 5-6 बड़े प्याज, दो गांठ लहसुन, थोड़ा-सा अदरक, हरी मिर्च, हरा धनिया, नींबू और लाल मिर्च पाउडर व नमक स्वाद के मुताबिक।
विधि- कमलककड़ी को धोकर छोटे-छोटे टुकड़े काट लें फिर उसे हल्दी और नमक के पानी में दिनभर भीगो दें। इससे कमलककड़ी अच्छी तरह साफ हो जाती है।
अब इसे अच्छे से धोने के बाद कूकर में चन, खड़ा गरम मसाला, जावित्री, दालचीनी, काली मिर्च, लहसुन, अदरक और चुटकी भर नमक के साथ उबलने के लिए चढ़ा दें।
उबलने के बाद इस पूरे मसाले को ठंडा करके पीसकर रख लें। अब एक कड़ाही में तेल गर्म करें और उसमें ये पूरा कबाब का पिसा हुआ गरम मसाला डालकर भूनें। नमक स्वाद के मुताबिक चखकर कर डाल दें फिर इसमें लाल मिर्च, हरी मिर्च मिलाएं और अच्छे से भूनें।
अब प्याज को बारीक काटें और इसी मसालें में मिला दें। धनिया भी मिलाएं। अब गैस बंद कर दें। और इस मिश्रण की छोटी-छोटी टिक्कियां या कबाब बनाकर नॉन-स्टिक तवे पर सेकें।
आपका शामी कबाब तैयार है। इस पर नींबू निचोड़कर धनिया पत्ती डालें और हां प्याज के छल्ले रखना न भूलें।