खटीमा सीट पर पार्टी प्रत्याशी को हराने के लिए पूरा जोर लगाने वाले भाजपा के कुछ पदाधिकारियों की सूची राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के पास पहुंच चुकी है। जिले की कुछ अन्य सीटों पर भी भितरघात करने वालों के खिलाफ पार्टी ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
हाईकमान की तमाम कोशिश के बावजूद जिले में भितरघातियों ने अपनी करामात दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जिले में भाजपा को सबसे अधिक भितरघात का सामना खटीमा सीट पर करना पड़ा। यहां चुनाव लड़ रहे सीटिंग विधायक पुष्कर सिंह धामी का टिकट कटवाने में नाकाम रहे उनके विरोधियों ने चुनाव के दौरान पार्टी प्रत्याशी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश में लगे रहे। इन भितरघातियों की सूची बकायदा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के पास भी पहुंच चुकी है। पार्टी के पदाधिकारियों ने इन 18 भितरघातियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अमित शाह को पत्र लिखकर निष्कासन की मांग की है।
पार्टी विरोधी कार्य करने के आरोप जिन नेताओं पर लगाए गए हैं, उनमें प्रदेश उपाध्यक्ष राजू भंडारी, प्रदेश मंत्री मोहनी पोखिरया, पूर्व प्रदेश महामंत्री गणेश ठकुराठी के साथ ही प्रेम सिंह मेहता, दिनेश अग्रवाल, पंकज सिंह, राहुल सक्सेना, नीरज रस्तोगी, रोहित गुप्ता, अमन मारवाड़ी, सचिन अग्रवाल, सुधीर वर्मा, राजन सामंत, मनोहर पांडे, दीपक भट्ट, दिगंबर कन्याल, बीएस कोटिया और भगवान गिरी आदि शामिल हैं। पत्र में इनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति पार्टी के कई पदाधिकारियों ने भी की है। पार्टी से जुड़े सूत्र बताते हैं कि खटीमा के साथ-साथ जिले की अन्य सीटों पर भी भितरघात करने वालों का ब्यौरा तलब किया जा रहा है।
खटीमा में पहले भी हो चुका है भितरघात
खटीमा में पहले भी पार्टी प्रत्याशी को हराने की कोशिश हो चुकी हैं। वर्ष 2012 में पुष्कर सिंह धामी जब पहली बार इस सीट पर चुनाव लड़ रहे थे तब भी उनके खिलाफ पार्टी का एक धड़ा अंदरखाने काम करता रहा। इसकी शिकायत तब भी हाईकमान से हुई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसे बाद वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में खटीमा में पार्टी के कुछ नेताओं ने पार्टी के खिलाफ लगातार काम किया। अमित शाह के भेजे गए पत्र में पार्टी पदाधिकारियों ने पूर्व में हुए भितरघात का भी जिक्र किया है। कहा गया है कि पूर्व में भी इसकी सूचना प्रदेश नेतृत्व को दी गई थी। लेकिन इन पर पार्टी स्तर से कोई कार्रवाई नहीं हुई।
खटीमा में पार्टी के कुछ लोगों पर चुनाव में भितरघात का आरोप लगा है। यह बात उनके संज्ञान में आई है कि इस संबंध में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को शिकायत भेजी गई है। चूंकि शिकायत में प्रदेश स्तर के नेताओं का नाम है, लिहाजा इस मामले में हाईकमान ही कोई फैसला लेगा।
शिव अरोरा, भाजपा जिलाध्यक्ष