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डीम्ड यूनिवर्सिटी से वर्ष 2001 से 2005 के बीच मिली इंजीनियरिंग की डिग्रियों को निलंबित करने पर सुप्रीम कोर्ट एक बार फिर विचार कर फैसला देगा। इससे प्रभावित छात्रों ने डिग्रियां निलंबित करने के आदेश पर सोमवार को
सुप्रीम कोर्ट से रियायत देने की गुहार लगाई। इनमें से कई छात्र इन्फोसिस, माइक्रोसॉफ्ट, डेल आदि बड़ी आईटी कंपनियों में कार्यरत हैं तो कई आईटीबीपी और डीआरडीओ में। इन सभी की डिग्री 15 जनवरी से निलंबित हो रही है।
न्यायमूर्ति आदर्श गोयल और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने सोमवार को छात्रों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। शीर्ष अदालत अब शुक्रवार को इस पर अपना फैसला सुनाएगी। याचिका दायर करने वाले करीब दो सौ छात्रों ने इलाहाबाद एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट, जेआरएन राजस्थान विद्यापीठ (उदयपुर), इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज (राजस्थान) और विनायक मिशन रिसर्च फाउंडेशन (तमिलनाडु) डीम्ड यूनिवर्सिटी से वर्ष 2001 से 2005 के बीच इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की थी।
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