एमडीयू हॉस्टल में बसपा नेता के पहुंचने पर सवाल खड़े हो गए हैं। कहा जा रहा है कि रविवार सुबह हिमालय हॉस्टल में गुपचुप तरीके से बसपा की मीटिंग करा दी गई। खास बात यह रही कि हॉस्टल की जिम्मेदारी देखने वाले आला अधिकारियों को भी इसकी भनक तक नहीं लगी। हालांकि बसपा नेताओं का कहना है बसपा के प्रदेशाध्यक्ष यहां अपने किसी जानने वाले से मिलने पहुंचे थे और मीटिंग जैसा कुछ नहीं हुआ। मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है।
बता दें कि एमडीयू प्रशासन की तरफ से स्पष्ट आदेश है कि हॉस्टल में किसी भी प्रकार की राजनीति गतिविधियां नहीं होगी। कहा जा रहा है कि मीटिंग मैस के पास बैठकर हुई और इसमें बसपा के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी भी शामिल रहे। मीटिंग के बाद वहीं पर चाय-नाश्ता हुआ। सूत्रों की मानें तो हॉस्टल में मीटिंग का पता चलते ही सीआईडी के भी कुछ लोग यूनिवर्सिटी में पहुंचे, लेकिन तब तक सभी लोग निकल चुके थे।
किसने क्या कहा
हॉस्टल में ऐसी कोई मीटिंग नहीं हुई है। सोमवार सुबह बसपा के प्रदेशाध्यक्ष नरेश सहारण हॉस्टल में कुछ छात्रों से मिलने आए थे। उसी समय मैं भी वहां पर पहुंच गया। कुछ देर मिलने के बाद वह हॉस्टल से चले गए।
महेश कुमार, हॉस्टल वार्डन।
इस बारे में हॉस्टल सुपरिंटेंडेंट से रिपोर्ट मांगी गई है। यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में राजनीतिक पार्टी का कार्यक्रम नहीं कराया जा सकता। यह बेहद गंभीर है। जांच कर जो भी इसके लिए जिम्मेदार होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- प्रो. अमर वर्मा, चीफ वार्डन एमडीयू।
प्रदेशाध्यक्ष सहारण चंद मिनट के लिए हॉस्टल में अपने किसी जानकार से मिलने पहुंचे थे। वहां पर कोई राजनीतिक गतिविधि नहीं हुई।
बलवंत भौरिया, जिलाध्यक्ष, बसपा।