तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के कारण जिले में किसानों का हजारों एकड़ गेहूं बर्बाद हो गया। सबसे अधिक खनौरी और मूनक क्षेत्र के किसान इससे प्रभावित हुए। खेतों में बर्बाद हुई फसल देख किसान चिंता में डूबे हुए हैं।
गांव हरिगढ़ गेहलां की सरपंच महिंदर कौर ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि की वजह से उनके गांव में करीब साढे़ सात एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है।
गांव बाह्मणीवाला के सरपंच कुलदीप सिंह के मुताबिक उनके गांव में चार सौ एकड़, गांव ठसका की सरपंच सरोज और पूर्व सरपंच रामपाल सिंह ने बताया कि उनके गांव में साढ़े तीन सौ एकड़, भुल्लण में बाइस सौ एकड़, गुलाड़ी के सरपंच के मुताबिक 500 एकड़, करौंदा के सरपंच कृष्ण के मुताबिक दस हजार एकड़, चट्ठा गोबिंदपुरा के सरपंच बलदेव सिंह के मुताबिक गांव में तीन सौ एकड़ गेहूं की फसल तबाह हो गई है। इसके अलावा पशुओं का चारा भी बर्बाद हो गया है।
डीसी अर्शदीप सिंह थिंद ने सब डिवीजन मूनक के अधीन आने वाले गांवों का दौरा कर बारिश से तबाह हुई फसलों का जायजा लिया। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार जल्द ही पीड़ित किसानों को बनता मुआवजा मुहैया करवाएगी।
बर्बाद फसलों की विशेष गिरदावरी के अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए गए हैं जो जल्द रिपोर्ट मुहैया करवाएं। मौके पर उनके साथ एडीसी अरविंद कुमार, तहसीलदार मूनक हरसिमरन सिंह, खेतीबाड़ी विकास अधिकारी इंद्रजीत सिंह भट्टी मौजूद थे।