कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को राम के शहर अयोध्या में थे लेकिन उन्होंने रामलला के दर्शन नहीं किए। सुबह 10:05 पर वह हनुमानगढ़ी पहुंचे और वहां पूजा अर्चना की। इसके बाद उन्होंने महंत ज्ञानदास से बातचीत की और सीधे फैजाबाद के लिए निकल गए। राम मंदिर के मामले में उन्होंने महंत ज्ञानदास से बस इतना ही कहा कि सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला होगा कांग्रेस उसके साथ खड़ी होगी।
राहुल की इस यात्रा के दौरान सबकी नजरें इसी बात पर टिकी थीं कि राहुल विवादित परिसर में विराजमान रामलला के दर्शन के लिए जाएंगे या नहीं। लेकिन हनुमानगढ़ी से सीधे फैजाबाद जाकर राहुल ने सारे कयासों को विराम दे दिया। राहुल के राम जन्मभूमि दर्शन के लिए न पहुंचने का वहां के पुजारियों को भी काफी मलाल रहा।
बता दें कि 1990 में सद्भावना यात्रा के दौरान राजीव गांधी भी हनुमानगढ़ी जाने वाले थे, लेकिन व्यस्त शेड्यूल के चलते वह वहां नहीं जा पाए थे। इसके पहले सत्ता से बेदखल होने पर इंदिरा गांधी ने गुलाबबाड़ी मैदान में जनसभा के बाद फैजाबाद में रात्रि विश्राम किया था, तो सुबह निकलने से पहले हनुमानगढ़ी में पूजन करना नहीं भूली थीं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी कई बार फैजाबाद तक आई हैं लेकिन बाबरी विध्वंस के बाद वह अयोध्या नहीं गईं।