ललितपुर। 51 वर्ष पूर्व मुहल्ला तालाबपुरा में पड़ोस से उधार का सामान लेकर शुरू की गई रामलीला आज भव्य रूप ले चुकी है। 51वें वर्ष के उपलक्ष्य में समिति द्वारा एलईडी टीवी लगाकर मंचन दिखाया जाएगा, जिसमें दर्शक मुख्य बाजार से भी रामलीला का नाट्य मंचन देख सकेंगे।
शहर के तालाबपुरा स्थित श्रीनृसिंह मंदिर प्रांगण में वर्ष 1968 में पहली बार रामलीला मंचन का आयोजन बब्बूराजा रोंड़ा द्वारा किया गया था। तब उस समय समिति के सदस्यों द्वारा मुहल्ले पड़ोस से साड़ियां लेकर पर्दा व अन्य सामान से मंचन किया गया। समिति के सदस्य ही अभिनय करते थे। मास्टर रघुवीर सिंह यादव पहले रावण थे। पर्याप्त सामान नहीं होने के कारण ड्रमों की स्टेज बनाई थी। पर्दा का भी विशेष महत्व होता है। पर्दा बदलते ही मंचन का पाठ भी बदल जाता है। आज भी पुरानी परंपरा के अनुसार पर्दा तैयार किया जाता है, लेकिन अब समिति द्वारा स्थाई पर्दा सजाया जाता है। अब आधुनिक तकनीक के साथ खर्चा भी बढ़ गया है। ढोलक, हरमोनियम की जगह आज आधुनिक वाद्य यंत्र हैं। एक ही मंच पर अयोध्या, जनकपुर, वन, नदी और लंका दहन सिर्फ पर्दा के सहारे ही दर्शाया जाता है। करीब 36 वर्षों से पर्दा खींचने का काम नफीस करते हैं, साथी देवी सहयोग करते हैं। नफीस का कहना है कि रामलीला के लिए वे काफी पहले से ही तैयारियां शुरू कर देते हैं। श्रीनृसिंह रामलीला समिति के अध्यक्ष नरेंद्र कड़ंकी, पूर्व अध्यक्ष भवानी सिंह यादव ने बताया कि सबसे महत्वपूर्ण और सबसे महंगा किरदार रावण हो गया है। पहले तो रावण का किरदार करने वाले आसानी से मिल जाते थे। लेकिन आज के दौर में युवा पीढ़ी में ऐसा मंचन करने की कला काफी कम होती है। वहीं राम और लक्ष्मण का किरदार करने वाले आसानी से मिल भी जाते हैं और उनके साज सज्जा में बहुत ज्यादा खर्चा भी नहीं आता है। इस बार रामलीला में विजयकांत रावण का, शिवशंकर विभीषण का, तो रुद्रप्रताप राम का और वेदांत लक्ष्मण का किरदार अदा करेंगे। वहीं सीता का किरदार शिवम् निभाएंगे, तो मेघनाद शिवम कौशिक और कुंभकरण राजेश यादव बनेंगे। परशुराम का किरदार जगदीश पाठक और दशरथ का किरदार जगदीश सुड़ेले अदा करेंगे।
हनुमानजी करेंगे लंका दहन
रामलीला मंच से करीब बीस मीटर दूरी व दस फुट की ऊंचाई पर एक यज्ञशाला तैयार की जाएगी, जहां सोने की लंका का दहन हनुमानजी तारों के सहारे उड़कर करेंगे। हनुमानजी के उड़कर लंका दहन के लिए त्रेतायुग के रामायण की झलक का सजीव चित्रण दिखाने का प्रयास समिति के कलाकारों द्वारा किया जाएगा।
छह को रावण की दुहाई, 11 को निकलेगी भव्य राम बारात
रामलीला का मंचन शुरु होने से पहले छह अक्टूबर को शहर के मुख्य मार्गों से रावण की दुहाई यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें रावण नगर वासियों को अपना अधिपत्य बताता और अट्टाहस करते हुए निकलता है। इसके बाद उसी दिन रात से रामलीला 14 दिवसीय मंचन शुरु होगा। वहीं इसके बाद 11 अक्टूबर को शहर में भव्य रामबारात भी निकाली जाएगी, जिसमें ढोल नगाड़े व बैंड बाजे एवं उज्जैन की तोंप मुख्य आकर्षण होगी। रामबारात पूरे शहर में भव्यता के साथ निकालकर शहरवासियों को रामराज्य आने का संदेश दिया जाएगा।
एलईडी टीवी लगाकर होगा सीधा प्रसारण
श्रीनृसिंह रामलीला समिति द्वारा इस बार रामलीला का मंचन अधिक से अधिक लोगों को दिखाने के उद्देश्य से श्रीनृसिंह प्रांगण स्थित रामलीला मंच के पास और मुख्य सावरकर चौक पर बड़ी एलईडी टीवी लगाकर रामलीला का सीधा प्रसाद किया जाएगा।