झज्जर। लघु सचिवालय परिसर में वीरवार को सीटू के बैनर तले मजदूरों ने प्रदर्शन कर मानेसर आंदोलन में गिरफ्तार 55 मजदूरों की तुरंत रिहा करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान गेट मीटिंग कर मजदूरों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार दमनकारी नीतियां अपना रही हैं और मजदूरों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। सीटू नेताओं रामबीर, किरण ने कहा कि सरकार की तरफ से उन्हें नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिनमें मजदूरों को भड़काने के आरोप लगाए गए हैं।
उन्होंने इन नोटिसों की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया। मजदूर संगठनों ने न्यूनतम वेतन के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना है कि न्यूनतम वेतन तय करने के लिए गठित कमेटी ने 23196 रुपये की सिफारिश की थी।
कहा कि सरकार ने इस पर अमल नहीं किया और वर्तमान में मात्र 12200 रुपये ही लागू हैं, जो मजदूरों के साथ अन्याय है। सीटू पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक मजदूरों को उनका हक नहीं मिलेगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि संगठन सरकार की हर दमनकारी नीति का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है और मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ी जाएगी।