किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनाने में लापरवाही करने वाले बैंक प्रबंधकों को चेतावनी जारी की गई है। शनिवार को समीक्षा बैठक में डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने चेतावनी पत्र जारी करने का आदेश दिया। उन्होंने 15 दिनों के भीतर लक्ष्य के अनुरूप प्रगति की भी हिदायत दी।
समीक्षा में पाया गया कि केकेसी बनाने का काम काफी धीमा है। इस पर डीएम ने अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की भी चेतावनी दी। उन्हाेंने लक्ष्य पूरा करने के लिए अभियान चलाए जाने का निर्देश दिया। डीएम ने पशु एवं मत्स्य पालकों को जारी होने वाले केकेसी की भी समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए।
बैठक में किसानों के लिए शुरू ऋण तथा अन्य योजनाओं पर भी चर्चा हुई। डीएम ने डूडा के अफसरोें को पटरी दुकानदारों, फल विक्रेताओं एवं अन्य छोटे कारोबारियों के ऋण संबंधी प्रस्तावों के जल्द निस्तारण का निर्देश दिया। इसके लिए उन्होंने 15 जुलाई की तारीख निर्धारित की।
खतौनी का पुनरीक्षण शुरू
जिले में सभी तहसीलों में खतौनी पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसमें गाटा अंश का निर्धारण कर भूस्वामी के नाम तथा अन्य डिटेल चढ़ाए जाएंगे। अलग-अलग चरणों में यह पूरी प्रक्रिया 15 दिसंबर तक पूरी की जानी है।
मदद के लिए भटक रहे कल्याण चंद्र
लीडर रोड के कल्याण चंद्र सोनकर मुख्यमंत्री विवेकाधीन आपदा राहत कोष से मदद के लिए करीब एक वर्ष से भटक रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने शनिवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को ज्ञापन सौंपकर एक बार फिर मदद की मांग की। कल्याण चंद्र का कहना है कि उनके पास आजीविका का कोई साधन नहीं है।
कच्चा मकान भी बारिश में गिर गया। वह ट्यूमर रोग से भी पीड़ित हैं। कल्याण चंद्र ने सांसद केशरी देवी पटेल की मदद से मुख्यमंत्री तक अपनी मांग पहुंचाई। सांसद ने डीएम को भी जांच कराके मदद पहुंचाने के लिए पत्र लिखा गया। कल्याण चंद्र का यह भी कहना है कि ढाई लाख रुपये स्वीकृति की जांच रिपोर्ट भी भेज दी गई है। इसके बावजूद उन्हें मदद नहीं मिल पाई। अब उन्होंने उपमुख्यमंत्री से गुहार लगाकर मदद की मांग की है।
नावों से बालू खनन की मांग
अखिल भारतीय एकलव्य कल्याण सेवा समिति की ओर से शनिवार को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को नावों से बालू खनन की अनुमति दिए जाने की मांग का ज्ञापन सौंपा गया। नाविकों ने इसके लिए अध्याधेश लाए जाने की मांग की। प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र निषाद बजरंगी का कहना था कि नाव से बालू खनन पर रोक से नाविकों के सामने जीविका का संकट खड़ा हो गया है।
इसके साथ बालू का कारोबार भी प्रभावित हुआ है। उन्होंने सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में हरिशंकर निषाद, हरि शरण, संजय कुमार कुशवाहा, गया प्रसाद निषाद, धर्मेंद्र, रवि, महेंद्र, अजय, सत्यम, श्याम, अंकित, अनिल, राकेश, संजय, सुभाष, विनोद आदि शामिल रहे।
टिड्डियों के एक और दल से आने से हड़कंप, हुए वापस
टिड्डियों के दल ने शनिवार को दिन में फिर हमला बोल दिया। जौनपुर से एक दल वापस फूलपुर में आ गया था। इससे किसान दहशत में रहे। ग्रामीणों ने थाली, ढोल आदि बजाना शुरू कर दिया। शाम तक वह दल वापस हो गया। इससे किसानों के साथ कृषि विभाग के अफसरों ने भी राहत महसूस की।