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Pran Pratishtha Ceremony: गर्भगृह में श्रीरामयंत्र स्थापित, कड़ी सुरक्षा में जन्मभूमि परिसर पहुंचाई गई मूर्ति

Thu, 18 Jan 2024 12:28 AM IST
रोहित मिश्र नितिन मिश्र, अमर उजाला, अयोध्या

सार

पीएम नरेंद्र मोदी रामलला के गर्भगृह में प्रवेश करने से पहले सरयू में डुबकी लगाएंगे। इसके बाद सरयू का पवित्र जल लेकर राम मंदिर तक पैदल जाएंगे। वह करीब दो किलोमीटर पैदल चलेंगे। प्रधानमंत्री के 21 जनवरी को अयोध्या आने की संभावना है।
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रामलला के विग्रह को मंदिर में सुरक्षित उतार कर गर्भ गृह की चौखट पर पहुंचाया गया। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के दूसरे दिन बुधवार को रामलला की चांदी की प्रतिमा को राममंदिर परिसर का भ्रमण कराया गया। पहले रामलला की अचल मूर्ति को जन्मभूमि परिसर में भ्रमण कराने की योजना थी, लेकिन सुरक्षा कारणों और मूर्ति का वजन अधिक होने से परिसर भ्रमण की रस्म रामलला की छोटी रजत प्रतिमा से पूरी कराई गई।

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10 किलो वजनी चांदी की प्रतिमा को मुख्य यजमान डॉ़ अनिल मिश्रा ने पालकी पर विराजमान कर मंदिर भ्रमण कराया। इस बीच मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजता रहा। आचार्यों, मंदिर निर्माण में लगे इंजीनियरों व सुरक्षाकर्मियों ने प्रतिमा पर पुष्पवर्षा की। विहिप के संरक्षक मंडल के सदस्य दिनेश चंद्र व डॉ़ अनिल ने रामलला की रजत प्रतिमा का पूजन किया। इसके बाद निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास और पुजारी सुनील दास ने गर्भगृह में सिंहासन की पूजा की। रामलला की अचल मूर्ति बुधवार देर शाम विवेक सृष्टि परिसर से कड़ी सुरक्षा में राम जन्मभूमि परिसर ले जाई गई, जिसे बृहस्पतिवार को गर्भगृह में सोने के सिंहासन पर विराजित किया जाएगा। संवाद

शुभ मुहूर्त दोपहर 1:20 बजे कलश पूजन
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के दूसरे दिन का शुभारंभ शुभ मुहूर्त में दोपहर 1:20 बजे सरयू तट पर कलश पूजन के साथ हुआ। मुख्य यजमान डॉ़ अनिल ने संकल्प लेकर सपत्नीक कलश पूजन किया। इसके बाद 21 मातृ शक्तियों ने जल कलश यात्रा निकाली। मुख्य कलश को राम जन्मभूमि परिसर में बने यज्ञमंडप में स्थापित किया गया है। उधर, रामलला के नवनिर्मित गर्भगृह में श्रीरामयंत्र की स्थापना के साथ ही प्राण प्रतिष्ठा पूजन का शुभारंभ कर दिया गया।
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चयनित मूर्ति की नौ विशेषताएं

मूर्ति के ऊपर मुकुट व आभामंडल होगा। - फोटो : अमर उजाला
-श्याम शिला की आयु हजारों साल होती है, यह जल रोधी होती है।
-चंदन, रोली आदि लगाने से मूर्ति की चमक प्रभावित नहीं होगी।
-पैर की अंगुली से ललाट तक रामलला की मूर्ति की कुल ऊंचाई 51 इंच है।
-चयनित मूर्ति का वजन करीब 150 से 200 किलो है।
-मूर्ति के ऊपर मुकुट व आभामंडल होगा।
-श्रीराम की भुजाएं घुटनों तक लंबी हैं।
-मस्तक सुंदर, आंखे बड़ी और ललाट भव्य है।
-कमल दल पर खड़ी मुद्रा में मूर्ति, हाथ में तीर व धनुष होगा।
-मूर्ति में पांच साल के बच्चे की बाल सुलभ कोमलता झलकेगी।
 
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अचल मूर्ति की एक झलक पाने के लिए बेताब रहे अयोध्यावासी, दिन भर छाया रहा उत्साह

मंदिर पहुंची अचल मूर्ति - फोटो : अमर उजाला

रामनगरी बुधवार को भक्ति के सागर में डूबती-उतराती रही। प्राण प्रतिष्ठा की शुभ तिथि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, उल्लास बढ़ता जा रहा है। प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान भी शुरू हो गए हैं। बुधवार को रामलला की अचल मूर्ति को परिसर में पहुंचा दिया गया है। यह वही रामलला हैं जो 23 जनवरी से नए मंदिर में दुनिया भर के भक्तों को दर्शन देंगे। रामलला की अचल मूर्ति की एक झलक पाने को लेकर अयोध्यावासी दिन भर बेताब रहे, उत्साहित रहे।

बुधवार को रामलला पहली बार परिसर में प्रवेश करने वाले थे इसलिए तैयारियां भी भव्य तरीके से की जा रही थीं। रामलला की उपासना बालरूप में होती है, इसलिए रामनगरी की मातृ शक्तियों ने अपने लल्ला के स्वागत में सुबह नौ बजे भव्य कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा में आस्था का चरम दिखा। पूरी अयोध्या श्रीराम के जयघोष से गूंज रही। पांच सौ महिलाओं ने दो किलोमीटर तक कलश यात्रा निकालकर सबको अहसास करा दिया कि रामलला अपने घर में प्रवेश करने वाले हैं।

उधर रामसेवक पुरम स्थित योग केंद्र विवेक सृष्टि के प्रवेश द्वार पर सुबह से लेकर शाम तक भीड़ जमा रही। मीडियाकर्मियों के अलावा श्रद्धालु भी प्रवेश द्वार पर टकटकी लगाए रहे। उम्मीद थी कि जब रामलला की अचल मूर्ति को बाहर निकाला जाएगा तो उन्हें दर्शन हो जाएंगे। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, श्रद्धालुओं की बेसब्री बढ़ती गई। स्थानीय निवासी राजीव त्रिपाठी सुबह 11 बजे ही विवेक सृष्टि के बाहर रामलला की झलक पाने की आस में डट गए थे। इसी तरह श्रद्धालु व राहगीर भी बार-बार मीडिया कर्मियों व सुरक्षाकर्मियों से सवाल कर रहे थे कि मूर्ति कब बाहर निकलेगी।

आखिरकार देर शाम को रामलला को बंद ट्रक में सवार कर भारी सुरक्षा प्रबंधों के मध्य विवेक सृष्टि परिसर से बाहर निकाला गया। इससे पहले मूर्तिकार योगीराज ने मूर्ति को प्रणाम किया और बड़े ही भावुक अंदाज में मूर्ति ट्रस्ट को समर्पित की। मूर्ति की सुरक्षा के लिए एटीएस की टीम समेत दो सौ पुलिसकर्मी लगाए गए थे। विवेक सृष्टि परिसर से सबसे आगे एस्काॅर्ट करती एसपी सिटी की गाड़ी निकली। उसके पीछे ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की गाड़ी आई। फिर पीछे जैसे ही रामलला की अचल मूर्ति को लेकर बंद ट्रक बाहर निकला, जय श्रीराम का जयघोष गूंजने लगा। ट्रक के पीछे पुलिस के कई वाहन थे।

धर्मपथ से लता मंगेश्कर चौक होते हुए मुख्य मार्ग से गुजरते हुए करीब चार किलोमीटर की दूरी तय कर रामलला की अचल मूर्ति क्राॅसिंग 11 गेट से रामजन्मभूमि परिसर पहुंची। इस दौरान रास्ते में मूर्ति की एक झलक पाने को लोग बेताब दिखे। उन्हें दर्शन तो नहीं मिला, लेकिन पुष्प वर्षा व जयघोष कर रामलला के स्वागत में भक्तों ने कोई कसर नहीं छोड़ी।

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