मूर्ति के ऊपर मुकुट व आभामंडल होगा।
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर पहुंची अचल मूर्ति
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रामनगरी बुधवार को भक्ति के सागर में डूबती-उतराती रही। प्राण प्रतिष्ठा की शुभ तिथि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, उल्लास बढ़ता जा रहा है। प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान भी शुरू हो गए हैं। बुधवार को रामलला की अचल मूर्ति को परिसर में पहुंचा दिया गया है। यह वही रामलला हैं जो 23 जनवरी से नए मंदिर में दुनिया भर के भक्तों को दर्शन देंगे। रामलला की अचल मूर्ति की एक झलक पाने को लेकर अयोध्यावासी दिन भर बेताब रहे, उत्साहित रहे।
बुधवार को रामलला पहली बार परिसर में प्रवेश करने वाले थे इसलिए तैयारियां भी भव्य तरीके से की जा रही थीं। रामलला की उपासना बालरूप में होती है, इसलिए रामनगरी की मातृ शक्तियों ने अपने लल्ला के स्वागत में सुबह नौ बजे भव्य कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा में आस्था का चरम दिखा। पूरी अयोध्या श्रीराम के जयघोष से गूंज रही। पांच सौ महिलाओं ने दो किलोमीटर तक कलश यात्रा निकालकर सबको अहसास करा दिया कि रामलला अपने घर में प्रवेश करने वाले हैं।
उधर रामसेवक पुरम स्थित योग केंद्र विवेक सृष्टि के प्रवेश द्वार पर सुबह से लेकर शाम तक भीड़ जमा रही। मीडियाकर्मियों के अलावा श्रद्धालु भी प्रवेश द्वार पर टकटकी लगाए रहे। उम्मीद थी कि जब रामलला की अचल मूर्ति को बाहर निकाला जाएगा तो उन्हें दर्शन हो जाएंगे। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, श्रद्धालुओं की बेसब्री बढ़ती गई। स्थानीय निवासी राजीव त्रिपाठी सुबह 11 बजे ही विवेक सृष्टि के बाहर रामलला की झलक पाने की आस में डट गए थे। इसी तरह श्रद्धालु व राहगीर भी बार-बार मीडिया कर्मियों व सुरक्षाकर्मियों से सवाल कर रहे थे कि मूर्ति कब बाहर निकलेगी।
आखिरकार देर शाम को रामलला को बंद ट्रक में सवार कर भारी सुरक्षा प्रबंधों के मध्य विवेक सृष्टि परिसर से बाहर निकाला गया। इससे पहले मूर्तिकार योगीराज ने मूर्ति को प्रणाम किया और बड़े ही भावुक अंदाज में मूर्ति ट्रस्ट को समर्पित की। मूर्ति की सुरक्षा के लिए एटीएस की टीम समेत दो सौ पुलिसकर्मी लगाए गए थे। विवेक सृष्टि परिसर से सबसे आगे एस्काॅर्ट करती एसपी सिटी की गाड़ी निकली। उसके पीछे ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की गाड़ी आई। फिर पीछे जैसे ही रामलला की अचल मूर्ति को लेकर बंद ट्रक बाहर निकला, जय श्रीराम का जयघोष गूंजने लगा। ट्रक के पीछे पुलिस के कई वाहन थे।
धर्मपथ से लता मंगेश्कर चौक होते हुए मुख्य मार्ग से गुजरते हुए करीब चार किलोमीटर की दूरी तय कर रामलला की अचल मूर्ति क्राॅसिंग 11 गेट से रामजन्मभूमि परिसर पहुंची। इस दौरान रास्ते में मूर्ति की एक झलक पाने को लोग बेताब दिखे। उन्हें दर्शन तो नहीं मिला, लेकिन पुष्प वर्षा व जयघोष कर रामलला के स्वागत में भक्तों ने कोई कसर नहीं छोड़ी।