पुलिस को चकमा देकर कैदी हो गया फरार, नशे में मिले पुलिसकर्मी
Tue, 13 Dec 2016 12:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ/मोदीपुरम
सार
मुजफ्फरनगर से बुलंदशहर पेशी पर ले जा रहे थे पुलिसकर्मी, बस रुकवाकर आराम से भाग गया बंदी, जांच में जुटी पुलिस, दौराला और खतौली पुलिस घंटों सीमा विवाद में उलझी रही, पांच से तीन पुलिसकर्मी गैर हाजिर थे, पुलिस में मचा हड़कंप
सिपाहियों को नशे में टली कर सोमवार एक बंदी पुलिस कस्टडी से आराम से भाग गया। करीब पांच किमी दूर जाकर पुलिस की आंख खुली। बंदी को गायब देखकर दोनों पुलिसकर्मियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। बंदी भागने के घटनास्थल को लेकर दौराला और खतौली पुलिस घंटो सीमा विवाद में उलझी रही। फरार बंदी का देर रात तक सुराग नहीं लगा। तीन पुलिसकर्मी गैर हाजिर भी बताए है।
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मुजफ्फरनगर के पुरकाजी स्थित जाटान मोहल्ला निवासी मुत्तलीब पुत्र शराफत पर लूट, डकैती, अपहरण व हत्या के मुकदमे पंजीकृत है। फिलहाल वह बुलंदशहर जेल में बंद था। पीलीभीत के हैड कांस्टेबल नरेश सिंह, कांस्टेबल श्रीकांत सोम बुलंदशहर जेल से मुजफ्फरनगर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेशी के लिए ले गए थे। पेशी के बाद मुजफ्फरनगर सुजडू चुंगी से दोनों पुलिसकर्मी बंदी के साथ अंबाला डिपो की प्राइवेट बस में बैठ गए।
रास्ते में एक ढाबे पर बस रुकी, जहां पर बंदी और पुलिसकर्मियों ने खाना खाया। आरोप है कि इसी दौरान बंदी ने सिपाहियों को खाने में नशीला पदार्थ दे दिया। जिस पर दोनों सिपाही बस चलते ही सो गए। इसी का फायदा उठाकर बंदी ने परिचालक से कहकर बस रुकवाई और दादरी-भंगेला के पास से फरार हो गया। दोनों पुलिस कर्मी सोते रहे ओर जब वह टोल प्लाजा के समीप बस पहुंची तो उनकी आंख खुली। पुलिसकर्मियों ने जब बस से बदमाश को गायब देखा तो उनके होश उड़ गए।
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सिपाहियों ने इसकी सूचना दौराला पुलिस को देकर पुलिसकर्मी मोदीपुरम चौकी पर पहुंच गए। वायरलेस सेट पर सूचना फ्लैश की गई। दौराला आर पल्लवपुरम इंस्पेक्टरों ने बंदी की आसपास के जंगलों में तलाश की ओर वाहनों को रोककर चेकिंग चलाई, लेकिन बदमाश का कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद दौराला पुलिस दोनों पुलिसकर्मियों को मोदीपुरम चेक पोस्ट पर ले आई। इंस्पेक्टर दौराला यशवीर सिंह और इंस्पेक्टर पल्लवपुरम सतेंद्र प्रकाश सिंह ने पुलिसकर्मियों से जानकारी ली।
बंदी को हथकड़ी भी नहीं लगी थी?
कैदी को लाने वाले पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
परिचालक ने बताया कि बंदी को हथकड़ी नहीं लगी थी। अगर हथकड़ी उनको दिखती तो वह कतई उसको बस से नहीं उतरने देते। जिस पर सिपाहियों ने बताया कि बंदी को हथकड़ी लगी थी, जिस पर उसने कपड़ा डाला हुआ था।
खाने के दौरान खिला दिया नशीला पदार्थ
हिस्ट्रीशीटर मुत्तलीब ने दोनों पुलिसकर्मियों के साथ पहले ढाबे पर खाना खाया। इसके बाद सुजडू चुंगी से वह बस में बैठा। खाना खाने के दौरान बदमाश ने खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया। खाना खाने से दोनों पुलिसकर्मी बेसुध हो गए ओर नशे की हालत में होने के कारण उन्हे नींद आ गई। जिसके चलते बदमाश इसका फायदा उठाकर बस से कूदकर फरार होने में कामयाब रहा।
फरार होने की योजना पहले ही बना ली थी
बस कंडक्टर से पूछताछ करते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
बदमाश को 8 दिसंबर,12,15 दिसंबर को मुजफ्फरनगर में ही पेशी पर आना था। 8 दिसंबर को तो वह पेशी पर चला गया था। इस बीच ही उसने फरार होने की योजना बनाई ओर सोमवार को वापस लौटते हुए दोनों को नशीला पदार्थ दे दिया। जिससे पुलिस कर्मी नशे में रहे और वह मौका देखकर फरार हो गया।
एक दारोगा व दो सिपाही हो गए गैरहाजिर, अधिकारियों को भी नहीं दी जानकारी
बदमाश को पेशी पर ले जाने के लिए एसआई सुरेश चौहान,हैड कांस्टेबल नरेश सिंह, कांस्टेबल श्रीकांत सोम, विपुल कुमार, अक्षित देशवाल की डयूटी लगी थी। मौके से एसआई सुरेश चौहान, विपुल कुमार, अक्षित देशवाल गायब रहे। दो ही पुलिसकर्मी बदमाश को पेशी पर ले आए। तीनों पुलिसकर्मियों के गैर हाजिर होने का पता अधिकारियों को भी नहीं बताया गया। कागजों में उनकी उपस्थिति दर्ज कर दी, लेकिन वह गैरहाजिर हो गए। हालांकि पुलिसकर्मियों की इस लापरवाही पर जनपद के अधिकारियों ने जमकर हडकाया, लेकिन पीलीभीत एसएसपी से इस बारे में बताया ओर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की भी जनपद के अधिकारियों ने मांग की है।
दस रुपये अधिक दिया किराया
बस में जब बदमाश मुत्तलीब बस के परिचालक को किराया दे रहा था। तब वहां पुलिस के अग्निशमन विभाग का एक पुलिसकर्मी भी बैठा था। लेकिन उसे यह नहीं पता था कि यह बदमाश है। पहले बदमाश ने खतौलीा तक का किराया दिया था, जब खतौली नहीं उतरा तो उसने आगे के लिए पैसे दे दिए। वह इाईवे पर उतरा और अपने दस रुपये लेकर उतरव् गया। परिचालक मुजफ्फरनगर निवासी अरशद को दस रुपये अधिक किरा या दिया अ ोर बस को रूकवाकर वह फरार हो गया। परिचालक का कहना है कि उसके हाथ में हथकड़ी नहीं थी, जबकि पुलिस कर्मियों का कहना है कि हथकड़ी लगाई हुई थी, उसने चदर में ढक रखी थी।
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खेत में कैदी की तलाश करते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
इंस्पेक्टर दौराला यशवीर सिंह सूचना मिलते मोदीपुरम चैक पोस्ट पर पहुंच गए। वहां पर पूछताछ ही चल रही थी कि जिस बस से फरार हुआ बदमाश उसका परिचालक अरशद भी पहुंच गया, उसने पूरी घटना की जानकारी दी। जिस पर उसने बताया कि वह भंगेला और दादारी के पास से फरार हुआ है। इतना सुनते ही इंस्पेक्टर दौराला मुस्कुरा उठे और इंस्पेक्टर पल्लवपुरम से बोले कि घटना तो खतौली की है, चलो परिचालक को अपनी गाड़ी में बैठाओ, परिचालक को बैठाकर घटना स्थल पर चले गए।
मुजफ्फरनगर में खौफनाक बदमाश है मुत्तलीब
हिस्ट्रीशीटर बदमाश मुत्तलीब के आतंक से मुजफ्फरनगर में लोग परेशान है, उसने कई तो एलानिया कत्ल किए है। वह एक दर्जन से अधिक मुकदमे लूट, हत्या डकैती और अपहरण के झेल रहा है। जिससे खौफ का असर पुलिस पर भी कई बार दिखाई दिया। वह कई बार पुलिस को धमकाने में भी सुर्खियों आया है। सोमवार को वह मुकदमा संख्या 976/15 धारा 147/148/149/307/302/120बी में पेशी पर आया था।
पहले भी फरार हो चुके बदमाश
एनएच 58 हाइवे पर इससे पहले भी कैदी फरार हो चुके है। हर बार पुलिस की लापरवाही उजागर होती है। पुलिस की लापरवाही इस कदर देखने को मिल रही है कि उसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता। मुत्तलीब के हाथों में हथकड़ी भी नहीं थी। बस उससे एक लुंगी से बांध रखा था। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस तरह की लापरवाही से ही तो बदमाश को भागने में सफलता हासिल होती है।
घटना टोल प्लाजा के पास या फिर भंगेला के पास पुलिस उलझाी
पुलिसकर्मियों ने घटना को टोल प्लाजा के पास बताया था, जबकि परिचालक ने घटना को दादरी और भेंगला के पास बताया। पुलिस इसी विवाद में उलझी रही, दौराला पुलिस इस घटना से पूरी तरह से पल्ला झाडने में लगे रहे। देर शाम तक भी घटना का यह पता नहीं चल सका है कि घटना कहा की है।