बहादुरगढ़। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी (एमओटीपी) के विरोध में नर्सिंग कैडर ने अपना कड़ा विरोध जताना शुरू कर दिया है। आंदोलन के तहत पहले दो दिन काले बिल्ले लगाकर काम किया जाएगा और फिर 5 से 7 अक्तूबर तक सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक विरोध स्वरूप काम छोड़कर सांकेतिक हड़ताल की जाएगी।
बुधवार को इसी कड़ी में नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन के आह्वान पर बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल समेत सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यरत नर्सिंग ऑफिसरों ने सांकेतिक विरोध स्वरूप काले बिल्ले लगाकर काम किया। नर्सिंग एसोसिएशन का तर्क है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
नर्सिंग ऑफिसरों का कहना है कि अस्पतालों में दिन-रात अलग-अलग शिफ्ट में उन्हें अपनी सेवाएं देनी पड़ती हैं। ऐसे में मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लागू होने से उनकी पारिवारिक और व्यक्तिगत जिम्मेदारियों पर भी असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि एक महिला नर्सिंग ऑफिसर को अस्पताल में ड्यूटी के साथ-साथ घर और परिवार की जिम्मेदारियां भी संभालनी पड़ती हैं।
लगातार नाइट शिफ्ट, अलग-अलग समय की ड्यूटी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच यदि दूरदराज के स्थान पर तबादला होता है तो उसके सामने कई तरह की परेशानियां खड़ी हो जाएंगी।उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग और अन्य विभागों में कार्यरत महिलाएं केवल दिन के समय ड्यूटी करती हैं, जबकि नर्सिंग स्टाफ को रात-दिन ड्यूटी करनी पड़ती है। इसलिए यह पॉलिसी उन पर लागू नहीं होनी चाहिए।
नर्सिंग कैडर में ज्यादातर महिलाएं कार्यरत हैं, जिन पर बुजुर्ग माता-पिता, घर, परिवार, बच्चों की देखभाल, शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियां अधिक रहती हैं। यदि उनका तबादला दूर किया जाएगा तो वे मानसिक तनाव में रहेंगी, जिसका असर उनकी ड्यूटी पर भी पड़ेगा।
नर्सिंग ऑफिसरों का कहना है कि नर्सिंग कैडर को मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी से अलग रखा जाए और नर्सिंग कर्मचारियों की विशिष्ट कार्यप्रणाली, शिफ्ट ड्यूटी और पारिवारिक जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए अलग व्यवस्था बनाई जाए। उनकी सुरक्षा सरकार के लिए सर्वोपरि होनी चाहिए।