आगामी विधानसभा चुनाव में अपना दल प्रत्याशी उतारेगा कि नहीं, प्रत्याशी किस चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ेगा? यह सब अब उच्च न्यायालय के आदेश पर तय होगा। इतना ही नहीं वास्तविक अपना दल के रूप में कमान किसके हाथ होगी यह फैसला भी कोर्ट के आदेश पर टिका है। न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
अपना दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष का फैसला कौन करेगा यह भी हाईकोर्ट ही बताएगा। फिलहाल इलाहाबाद निवासी जवाहर पटेल ने अपना दल (सोनेलाल) नाम से पार्टी बनाई है, जिसे निर्वाचन आयोग ने मान्यता दे दी है।
अपना दल नेता और सोनेलाल पटेल की पत्नी कृष्णा पटेल ने इसे चुनौती दी है। उन्होंने हाईकोर्ट में भी केस दर्ज किया है। इसका निर्णय भी सुरक्षित है। पार्टी नेता पल्लवी पटेल ने कहा कि हम कोर्ट के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। कहा कि अपना दल (सोनेलाल) के पीछे अनुप्रिया पटेल का हाथ है।
उधर, अपना दल अनुप्रिया गुट के नेता बृजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट का फैसला अपना दल का भविष्य तय करेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव हर तीन वर्ष पर होता है लेकिन कृष्णा पटेल ने वर्ष 2009 के बाद से राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव नहीं कराया। वर्ष 2015 के फरवरी में दल के सक्रिय सदस्यों ने अनुप्रिया पटेल को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना था।
हमारा ध्यान अभी हाईकोर्ट के आने वाले फैसले पर है। कोर्ट का निर्णय आने पर ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।
- अनुप्रिया पटेल, केंद्रीय परिवार एवं स्वास्थ्य कल्याण राज्यमंत्री