भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) को लेकर खबर यह आ रही थी कि बीएआरसी द्वारा गुलमर्ग में स्टाफ क्वार्टरों के निर्माण करने की योजना बनाई जा रही है।
इन खबरों का गुलमर्ग विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने सिरे से नकार दिया है। जीडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ने स्पष्ट किया है कि गुलमर्ग में सभी निर्माण कार्यों पर पहले से ही प्रतिबंध लगा दिया गया है। न्यायालय के निर्देशों के मद्देनजर स्की रिसॉर्ट गुलमर्ग में किसी भी निर्माण कार्य के लिए बीएआरसी को कोई अनुमति नहीं दी गई है।
सीईओ जीडीए नजीर अहमद मीर ने बताया कि बीएआरसी का विज्ञापन भ्रामक है। उन्होंने कहा कि वे यह नहीं समझ पा रहे हैं कि बीएआरसी ने यह विज्ञापन कैसे प्रकाशित करवाया है। उन्होंने कहा कि न्यायालय द्वारा वर्ष 2012 से गुलमर्ग में किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर प्रतिबंध लगाया हुआ है।
मीर ने बताया कि निर्माण तो दूर की बात है, यहां किसी भी तरह के मरम्मत कार्य की भी अनुमति नहीं है। इसलिए हम यह बात स्पष्ट करना चाहते हैं कि हमारी ओर से बीएआरसी को किसी प्रकार के निर्माण की अनुमति नहीं दी गई है।
मीर ने गुलमर्ग में निर्माण कार्य की खबरों को महज अफवाह करार देते हुए कहा कि गुलमर्ग का अपना एक मास्टर प्लान है। यहां बेहद मामूली नवीकरण कार्य तक के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए बराबर है। कोई भी अदालत के आदेशों का उल्लंघन नहीं कर सकता है।