भारतीय जनता पार्टी हिंदू हितों की पैरवी करने वाली पार्टी नहीं है। यदि कोई ऐसा मानता है तो वह भ्रम की स्थिति में जी रहा है। भाजपा को यूपी चुनाव में पूर्ण बहुमत मिलने की स्थिति में राम मंदिर निर्माण के बाबत पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए गोवर्धनपीठ पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने शनिवार को चैतन्य विहार स्थित हरिहर आश्रम पर यह बात कही।
उन्होंने राज्य में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने की स्थिति में भी राम मंदिर निर्माण और रामलला के विधिवत प्रतिष्ठापन को लेकर पार्टी की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतिहास साक्षी है भाजपा ने मंदिर निर्माण को कभी प्राथमिकता नहीं दी। भले ही पार्टी राम का नाम लेकर सत्ता में आती रही हो लेकिन कोर्ट में मामला लंबित होने का हवाला देकर वह अपनी क्रियाशीलता को शिथिल कर देती है।
एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि सैद्धांतिक धरातल पर भारत आज भी स्वतंत्र राष्ट्र नहीं। विदेशी शक्तियां भारतीय राजनीतिक दलों पर नियंत्रण का कार्य करती हैं। यहां हिंदू आज भी दोयम दर्जे का नागरिक है।
उन्होंने सुसंस्कृत, सभ्य, सर्वहितकारी, सुरक्षित, संपन्न और सेवापरायण समाज की संरचना को ही राजनीति का उद्देश्य करार देते हुए कहा कि सरकारों को सबके विकास की नीति का अनुपालन करना चाहिए।
गंगा और यमुना नदी के जल के अतिदोहन और परियोजनाओं के दबाव में उनके प्राकृतिक प्रवाह के साथ छेड़छाड़ को उन्होंने इन पवित्र नदियों की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार ठहराया। कहा कि उन्होंने केंद्र सरकार से इस समस्या के निराकरण को लेकर बात भी की है लेकिन कोई स्थायी हल अभी तक सामने नहीं आ सका है। इस दौरान कनकधारा फाउंडेशन की अध्यक्ष डा. लक्ष्मी गौतम, अवनिका गौतम भी उपस्थित रहीं।