फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब एक खूबसूरत यादों का हिस्सा बन जाएगी नैनीताल एक्सप्रेस

Fri, 13 May 2016 04:07 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
विज्ञापन
नैनीताल एक्सप्रेस - फोटो : demo pic
विज्ञापन
ब्रिटिशकालीन ट्रेन नैनीताल एक्सप्रेस शुक्रवार को अपना आखिरी सफर तय करेगी। ऐशबाग स्टेशन से रात 8.25 बजे रवाना होने के बाद अगले दिन सुबह टनकपुर पहुंच यह सिर्फ खूबसूरत यादों का हिस्सा बन जाएगी।
विज्ञापन


ऐशबाग-सीतापुर सेक्शन पर हो रहे आमान-परिवर्तन को लेकर 15 मई से इस रूट की कुछ ट्रेनों का संचालन पीलीभीत-सीतापुर रेलखंड पर किया जा रहा है। कुछ ट्रेनें कैंसिल भी की जा रही हैं।

निरस्त होने वाली ट्रेनों में नैनीताल एक्सप्रेस भी शामिल है। ट्रेन संख्या 15308 नैनीताल एक्सप्रेस शुक्रवार रात को अपना अंतिम सफर टनकपुर के लिए तय करेगी। ट्रेन ऐशबाग रेलवे स्टेशन से सिटी स्टेशन, डालीगंज, सीतापुर, लखीमपुर, गोला गोकरणनाथ, मैलानी
विज्ञापन


पूरनपुर, पीलीभीत, भोजीपुरा, इज्जतनगर, मझोला पकरायां, खटीमा, चकरपुर, बनबासा होते हुए अगले दिन सुबह 5.20 बजे टनकपुर पहुंचेगी। टनकपुर से लखनऊ के लिए यह ट्रेन रात 9.30 बजे रवाना होकर सुबह 6.50 पर पहुंचती है। इसे 14 मई को टनकपुर से चलाने के बजाय ट्रेन को वहीं खड़ा कर दिया जाएगा।
विज्ञापन

इस रूट की शान मानी जाती थी नैनीताल एक्सप्रेस

नैनीताल एक्सप्रेस - फोटो : amar ujala
इतिहासकार बताते हैं कि नैनीताल एक्सप्रेस को इस रूट की शान माना जाता था। यह ट्रेन पहले लखनऊ जंक्शन से काठगोदाम के लिए रवाना होती थी। जब जंक्शन ब्रॉडगेज हुआ तो इसे ऐशबाग स्टेशन से चलाया जाने लगा। 

टर्मिनेटिंग स्टेशन काठगोदाम के बाद बरेली बना, फिर इसे टनकपुर तक चलाया जाने लगा। नैनीताल एक्सप्रेस को लेकर लोगों में हमेशा से क्रेज रहा है। इस ट्रेन से सफर करने के लिए लोग वेटिंग तक का टिकट लेने से भी गुरेज नहीं करते थे।

पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ संजय यादव कहते हैं कि इस रूट की सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली ट्रेन है नैनीताल एक्सप्रेस। आमान परिवर्तन के चलते निरस्त किया जा रहा है। हालांकि रूट के ब्रॉडगेज होने के बाद इस नाम से ट्रेन यात्रियों की मांग पर चलाई जा सकती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें