झज्जर। जिले के कॉलेजों में इस बार एआई से सबंधित तकनीकी कोर्सों की मांग बढ़ गई है। छात्र बीसीए की सीमित सीटों के सैकड़ों की संख्या में आवेदन आ गए हैं। जिले में बीए, बीएससी, बीकॉम, बीबीए और बीसीए स्नातक कक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन चल रहे हैं।
राजकीय स्नातकोत्तर नेहरू महाविद्यालय झज्जर के मीडिया प्रभारी डॉ. अमित भारद्वाज ने बताया कि विद्यार्थी 31 मई तक उच्चतर शिक्षा विभाग के एडमिशन पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।
एआई के बढ़ते प्रभाव से शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लगभग हर क्षेत्र में डिजिटल तकनीकों के बढ़ते उपयोग ने कंप्यूटर आधारित कोर्सों की मांग में वृद्धि की है।
विशेष रूप से बीसीए (बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन्स) अब विद्यार्थियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। महामारी के दौरान ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल बैंकिंग, ई-कॉमर्स, स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी कार्यों में तकनीक का तेजी से इस्तेमाल हुआ, जिसने आईटी क्षेत्र को नयी दिशा दी। इसी कारण बीसीए को रोजगारपरक कोर्स माना जा रहा है।
जिले में सीमित सीटें, दाखिले के लिए प्रतिस्पर्धा
झज्जर जिले में इंजीनियरिंग संस्थानों को छोड़कर बीसीए की सुविधा केवल दो सरकारी कॉलेजों और एक एडिड कॉलेज में उपलब्ध है। कुल मिलाकर जिले में केवल 320 सीटें ही हैं। इनमें राजकीय स्नातकोत्तर नेहरू महाविद्यालय, झज्जर में 80 सीटें, राजकीय महाविद्यालय, बहादुरगढ़ में 60 सीटें तथा वैश्य आर्य कन्या महाविद्यालय, बहादुरगढ़ में 180 सीटें उपलब्ध हैं।
नई शिक्षा नीति के तहत अब चार वर्षीय कोर्स
नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद बीसीए को चार वर्षीय पाठ्यक्रम के रूप में विकसित किया गया है। इस कोर्स में विद्यार्थियों को कंप्यूटर प्रोग्रामिंग, वेब डेवलपमेंट, डेटाबेस मैनेजमेंट, नेटवर्किंग, साइबर सिक्योरिटी और क्लाउड तकनीक और एआई जैसे आधुनिक विषयों की जानकारी दी जाती है।
आईटी क्षेत्र में रोजगार की बढ़ती संभावनाएं
कंप्यूटर विशेषज्ञों के अनुसार डिजिटल युग में तकनीकी दक्षता की मांग लगातार बढ़ रही है। इस कोर्स के बाद विद्यार्थी सॉफ्टवेयर डेवलपर, वेब डिजाइनर, सिस्टम एनालिस्ट, नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेटर और साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ जैसे क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं। इसके अलावा एमसीए, एमएससी (आईटी) और एमबीए (आईटी) जैसे उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में भी प्रवेश ले सकते हैं।
वर्क फ्रॉम होम संस्कृति के विस्तार और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती लोकप्रियता ने वेब डेवलपमेंट, ऐप डेवलपमेंट और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार की संभावनाएं बढ़ा दी हैं।
तकनीकी ज्ञान रखने वाले युवा आज फ्रीलांसिंग, स्टार्टअप और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से स्वरोजगार की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में डिजिटल कौशल ही सबसे बड़ी जरूरत होगी और बीसीए से इस दिशा में मजबूत आधार मिलेगा।