-जयबीर अखाड़ा बुपनिया में प्रतिदिन करीब 115 खिलाड़ी कर रहे अभ्यास
-कोच जयबीर अब तक 1300 से 1400 खिलाड़ियों को दे चुके है प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। जिले के खिलाड़ी कुश्ती के खेल में अपनी विशेष पहचान बना रहे हैं। गांव बुपनिया स्थित जयबीर अखाड़े में प्रतिदिन सैकड़ों पहलवान अभ्यास करते हैं। इस अखाड़े से कई खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल किए हैं। वहीं सैकड़ों पहलवानों ने राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है। खेल विभाग के सरकारी कोच जयबीर इन खिलाड़ियों को प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं।
बुपनिया गांव में खेल विभाग के कोच जयबीर द्वारा खिलाड़ियों को कुश्ती का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। खेल विभाग की तरफ से अखाड़े को कुश्ती का मैट भी उपलब्ध कराया गया है। प्रशिक्षित पहलवानों में से कई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। इसके अलावा सैकड़ों खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण पदक हासिल किए हैं।
यहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कई खिलाड़ी खेल कोटे के माध्यम से सरकारी नौकरी भी प्राप्त कर चुके हैं। यह अखाड़ा क्षेत्र में कुश्ती प्रतिभाओं को निखारने का एक प्रमुख केंद्र बन गया है। यहां के पहलवानों ने जिले और राज्य का नाम रोशन किया है। जयबीर अखाड़ा बुपनिया में अभी प्रतिदिन करीब 115 खिलाड़ी कुश्ती का अभ्यास कर रहे हैं।
इन खिलाड़ियों में से 25 पहलवानों को सरकार की तरफ से डाइट राशि भी दी जा रही है। यह राशि उनके पोषण और बेहतर प्रदर्शन में सहायक सिद्ध होती है। मोहित जूनियर के 61 किलोग्राम भार वर्ग में फ्री स्टाइल में वर्ल्ड चैंपियन बने हैं। उन्होंने अंडर-23 और अंडर-20 में एशिया चैंपियन का खिताब भी जीता है।
2026 की सीनियर वर्ल्ड रैंकिंग में मोहित ने कांस्य पदक प्राप्त किया है। इसके साथ ही अंडर-23 गोल्ड एशिया चैंपियनशिप में उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। मोहित ने वर्ल्ड मिलिट्री चैंपियनशिप के 65 किलोग्राम भार वर्ग में भी कांस्य पदक जीता है। उनकी यह उपलब्धियां जिले के लिए गौरव का विषय हैं। 10 हेडिंग बनाएं
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अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता
रविंद्र ने जूनियर के 61 किलोग्राम भार वर्ग में वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत और कांस्य पदक जीते हैं। वह जूनियर एशिया के चैंपियन भी बन चुके हैं। मनीष ने जूनियर एशिया चैंपियनशिप के 55 किलोग्राम भार वर्ग में ग्रीको रोमन में कांस्य पदक हासिल किया। विनय ने जूनियर एशिया चैंपियनशिप में 92 किलोग्राम भार वर्ग के फ्री स्टाइल में स्वर्ण पदक जीता है। विकास ने जूनियर एशिया चैंपियनशिप में 63 किलोग्राम भार वर्ग के फ्री स्टाइल में कांस्य पदक प्राप्त किया। संजय ने सब जूनियर एशिया चैंपियनशिप में 76 किलोग्राम भार वर्ग के फ्री स्टाइल में कांस्य पदक हासिल किया है।
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युवा पहलवानों की शानदार प्रदर्शन
निखिल ने अंडर-15 एशिया चैंपियनशिप में 85 किलोग्राम भार वर्ग के फ्री स्टाइल में स्वर्ण पदक जीता है। नितिन ने अंडर-15 एशिया चैंपियनशिप के 85 किलोग्राम ग्रीको रोमन भार वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया। उन्होंने अंडर-17 एशिया चैंपियनशिप के 92 किलोग्राम ग्रीको रोमन भार वर्ग में भी कांस्य पदक प्राप्त किया। निशांत ने सब जूनियर एशिया चैंपियनशिप के 71 किलोग्राम फ्री स्टाइल भार वर्ग में रजत पदक जीता है। 2026 में जतिन ने अंडर-15 ग्रीको रोमन के 85 किलोग्राम भार वर्ग में एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक प्राप्त किया। सब जूनियर के 55 किलोग्राम भार वर्ग में साहिल ने एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक हासिल किया। इसके अतिरिक्त, सक्षम ने अंडर-17 वर्ल्ड चैंपियनशिप के 92 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक प्राप्त किया है।
वर्जन
अभी तक वह 1300 से 1400 खिलाड़ियों को कुश्ती का प्रशिक्षण दे चुके हैं। 2004 में उन्होंने खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देना शुरू किया था। वहीं, खेल विभाग की तरफ से उनको 2014 में सरकारी कोच रूप में नियुक्त किया था। उनकी तरफ से दिए गए प्रशिक्षण के बाद खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके है। -जयबीर, कुश्ती कोच, जयबीर अखाड़ा, बुपनिया