मध्यप्रदेश में कमलनाथ के शपथग्रहण समारोह की तैयारियां जोरो पर हैं। शपथग्रहण समारोह का आयोजन राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान में होगा। कांग्रेस विधायक दल के नेता कमलनाथ प्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री के रूप में 17 दिसंबर को दोपहर 1:30 बजे शपथ लेंगे। उनके साथ कुछ मंत्री भी शपथ ले सकते हैं। मंत्रियों के नाम तय करने को लेकर शुक्रवार को दिग्गज नेताओं ने मंथन किया। कमलनाथ ने इस बारे में वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने मंत्री पद के अलग-अलग उम्मीदवारों से भी मुलाकात की।
सूत्रों के मुताबिक कमलनाथ से तरुण भनौत, ब्रजेंद्र सिंह राठौर, नेता प्रतिपक्ष रहे अजय सिंह, एनी प्रजापति और हर्ष यादव ने मुलाकात की। नाथ के साथ मंत्रिमंडल के शपथ लिए जाने के बारे में अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। माना जा रहा है वह बाद में मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे।
शपथग्रहण में दिखेगी महागठबंधन की ताकत
Grand Alliance picture
15 साल के बाद प्रदेश की सत्ता में कांग्रेस ने वापसी की है लिहाजा वह शपथग्रहण समारोह में कर्नाटक की तर्ज पर महागठबंधन की ताकत और एकता दिखाने की तैयारी में है। शपथग्रहण समारोह में आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, बसपा सुप्रीमो मायावती, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमार स्वामी, डीएमके नेता स्टालिन, तेजस्वी यादव समेत कई दूसरे नेताओं के आने की संभावना है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, परिजन की बीमारी की वजह से समारोह का हिस्सा नहीं बन पाएंगी। वो अपने किसी प्रतिनिधि को भेजेंगी।
इनके अलावा बड़ी संख्या में धर्माचार्यों को भी आमंत्रित किया गया है। यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस के बड़े नेता भी समारोह में मौजूद रहेंगे।
इससे पहले शुक्रवार को कांग्रेस के दावे को स्वीकार करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सरकार बनाने का न्योता देते हुए कमलनाथ को शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया था। राज्यपाल से मिलने कमलनाथ के साथ पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, सांसद विवेक तन्खा,अजय सिंह और अरुण यादव पहुंचे।
कमलनाथ से मिले आला अधिकारी
शुक्रवार को कमलनाथ से प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल ने मुलाकात कर उन्हें तमाम जानकारी दी। देर शाम डीजीपी, मुख्य सचिव के साथ प्रशासनिक अमले के वरिष्ठ अधिकारी भी उनके निवास पर पहुंचे। नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री से अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव और गौरी सिंह ने भी मुलाकात की।
मीडिया से बातचीत में कमलनाथ ने कहा कि वचनपत्र में जो भी वादे किए गए हैं हम उन्हें पूरा करेंगे। मैं प्रदेश की जनता को विश्वास दिलाता हूं कि हम उनकी अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे। हमारी प्राथमिकता कृषि क्षेत्र को मजबूत करना होगी। सरकार का फोकस युवाओं के लिए रोजगार की व्यवस्था करना और महिलाओं को सुरक्षित माहौल देना होगा।
राज्यपाल को सौंपे गए पत्र में कांग्रेस ने 121 विधायकों के समर्थन की जानकारी थी। कांग्रेस के 114 विधायकों के अलावा बसपा के दो, समाजवादी पार्टी के एक और चार निर्दलीय विधायकों का समर्थन हासिल है।