खनाग में बनी स्मरण पट्टिका पर पहुंचा लेडी पैनेलोप का परिवार।
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अंग्रेजी शासनकाल में 1930 से 1935 के बीच भारतीय सेना में फील्ड मार्शल के कमांडर इन चीफ आफ इंडियन आर्मी की बेटी प्रसिद्ध लेखिका एवं ट्रैकर लेडी पैनेलोप चैटवोड की याद में आज भी इनका परिवार इंग्लैंड से आनी के खनाग पहुंचते हैं। चैटवोड की बेटी कैनडिडा, ग्रैंड डॉटर इमोजोन और देलही ने बताया कि उनकी मां और पिताजी को आनी के प्राकृतिक सौंदर्य से बहुत प्रेम था।
यहां की सुंदरता का जिक्र उन्होंने अपनी निजी किताबों में भी किया है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि यहां की वादियां स्कॉटलैंड की वादियों से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि ट्रैकिंग के दौरान उनकी मां 13 अप्रैल 1986 को खनाग के करीब डीम गांव में सदा के लिए सो गई थीं।
स्मरण पट्टिका पर मोमबत्ती जलाकर करते हैं प्रार्थना
मोमबत्ती जलाकर उनकी आत्मा की शांति के लिए गॉड से प्रार्थना करते हैं।
उनकी याद में वे प्रतिवर्ष खनाग में बनी उनकी स्मरण पट्टिका पर आज भी मोमबत्ती जलाकर उनकी आत्मा की शांति के लिए गॉड से प्रार्थना करते हैं। उनके साथ आए इनके करीबी भारतीय सेना में 1963-1969 में पूर्व कैप्टन एवं पर्यटन अधिकारी और वर्तमान में ट्रैकिंग एजेंसी चला रहे पदम सिंह ने बताया कि चैकवोड को यहां की हसीन वादियों से बेहद लगाव रहा है।
उन्होंने सरकार से मांग उठाई है कि पर्यटन के दृष्टिगत जलोड़ीपास, सरेयोलसर, रघुपुरगढ़, पनेउ, टकरासी को विकसित करने के लिए मूलभूत सुविधाओं की जरूरत है। इससे न केवल यहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी इन क्षेत्रों को एक पहचान मिलेगी।