वर्ष 2010 के आईएएस टापर शाह फैसल को साउथ एशिया में बलात्कार की बढ़ती घटनाओं पर ट्वीट करना महंगा पड़ा। फैसल के खिलाफ केंद्र सरकार के पर्सनल एवं ट्रेनिंग विभाग की सिफारिश पर जम्मू कश्मीर जनरल प्रशासनिक विभाग (जीएडी) ने विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।
शाह फैसल को भेजे गए पत्र में जीएडी के कमिश्नर सेक्रेटरी ने कहा है कि फैसल ने भारतीय सर्विस रूल 1968 का उल्लंघन किया है। आईएएस अफसर होने के नाते फैसल ने ईमानदारी से अपनी ड्यूटी नहीं निभाई। एक जन सेवक को ऐसा टवीट् नहीं करना चाहिए। फैसल के ट्वीट का स्क्रीन शाट भी जीएडी ने उन्हें भेजा है।
स्टडी लीव पर चल रहे फैसल ने जीएडी के पत्र को लव लेटर करार देकर दोबारा ट्वीट किया और उक्त पत्र को भी ट्वीटर पर डाला है। उन्होंने कहा स्वतंत्र एवं लोकतांत्रिक भारत को एक कालोनी के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने फैसल के ट्वीट को सर्विस रूल 1968 का उल्लंघन करार दिया है। फैसल के अनुसार, वह इस रूल को बदलना चाहते हैं। बस यही उनकी मंशा थी।
फैसल ने किया था ये ट्वीट
शाह फैसल ने ट्वीट में लिखा था कि पितृसत्ता, अशिक्षा, पोर्न, तकनीक, शराब, अराजकता, भुखमरी के कारण साउथ एशिया रेपिस्तान बनता जा रहा है।