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राजस्थान: ढाई महीने बाद यूपी से पकड़ा गया गैंगरेप का आरोपी, अजमेर नेशनल हाईवे पर साथी के साथ मिलकर दिया था वारदात को अंजाम

Tue, 24 Aug 2021 12:42 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

जयपुर के नाहरगढ़ इलाके में रहने वाली 22 साल की युवती छह जून को पार्टी करने गई थी। इसके बाद वह अपने दोस्त के साथ एनएच-8 पर लॉन्ग ड्राइव पर गई। इस दौरान दोनों में कहासुनी हो गई और युवक लड़की को हाईवे पर अकेला छोड़कर घर चला गया।
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युवती का गैंगरेप। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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राजस्थान की राजधानी जयपुर में अजमेर नेशनल हाईवे पर छह जून की रात को एक युवती से गैंगरेप हुआ था। मामले का एक आरोपी अब उत्तर प्रदेश में पकड़ा गया है। जयपुर में भांकरोटा थाना पुलिस ने करीब 12 सौ लोगों से पूछताछ के बाद सोमवार को इस मामले का खुलासा किया। लंबे समय से फरार चल रहा आरोपी रक्षाबंधन पर उत्तरप्रदेश में कासगंज के अपने गांव बहन से राखी बंधवाने पहुंचा था। सूचना मिलने पर पुलिस ने यूपी पहुंचकर आरोपी को पकड़ा। जहां से उसे सोमवार को जयपुर ले आया गया।

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6 जून की घटना
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में डीसीपी ऋचा तोमर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी प्रेम सिंह (32) गांव नंगला धौरा, थाना गंगीरी, जिला अलीगढ़ उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। इसके अलावा वारदात में सैदपुर थाना सरवाड़ जिला अजमेर का रहने वाला सुखलाल गुर्जर भी शामिल है। जयपुर के नाहरगढ़ इलाके में रहने वाली 22 साल की युवती छह जून को पार्टी करने गई थी। इसके बाद वह अपने दोस्त के साथ उसकी गाड़ी से एनएच-8 पर लॉन्ग ड्राइव पर अजमेर हाईवे की तरफ निकल गई। आधी रात को भांकरोटा इलाके में युवक और युवती में आपसी कहासुनी हो गई। तब युवक ने हाईवे पर कमला नेहरू पुलिया से युवती को कार से नीचे उतार दिया। वह खुद अपनी कार से घर लौट आया।

गैंगरेप के बाद उसका मोबाइल लूट कर भागे
आधी रात को हाईवे पर लड़की को अकेला पाकर वहां से गुजर रहे प्रेम सिंह और सुखलाल गुर्जर ने उसके साथ बलात्कार किया। इसके बाद आरोपी लड़की छोड़कर भाग गए। हालांकि, उन्होंने कुछ दूरी पर मोबाइल फोन फेंक दिया था। पुलिस के मुताबिक, दोनों दुष्कर्मी पीड़िता का मोबाइल फोन लेकर भाग गए थे। इसके बाद पीड़िता लड़की भी किसी तरह हाईवे पर आई। वहां अखबार वितरण करने वाली गाड़ी के चालक की मदद से अलसुबह भांकरोटा थाने पहुंची और गैंगरेप की आपबीती बताई।
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सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग
वारदात के बाद 15 दिनों तक पुलिस ने घटनास्थल के आसपास करीब 250 फैक्ट्री और आसपास किराए से रह रहे 1200 से ज्यादा मजदूरों से डोर टू डोर सर्वे कर पूछताछ की। सीसीटीवी फुटेज खंगाले। तब घटना के दिन देर रात को सड़क पर घूम रहे दो संदिग्ध युवकों को नामजद किया गया। इसके बाद पुलिस ने एक संदिग्ध प्रेम सिंह के घर पहुंची तो पता चला कि वह करीब 10 साल पहले गांव छोड़कर निकला था। इसके बाद कोई ठिकाना नहीं है। वह मोबाइल फोन भी नहीं रखता है। आखिरकार, ढाई महीने बाद प्रेम सिंह के रक्षाबंधन पर बहन के घर पहुंचने की सूचना मिली। जहां से उसकी गिरफ्तारी की गई।

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