क्रास वोटिंग से बचाते हुए प्रदीप टम्टा की दावेदारी सुनिश्चित करने को कांग्रेस ने नायाब फार्मूला बनाया है। कांग्रेस की मुख्य सचेतक और टम्टा की पोलिंग एजेंट बनीं डॉ. इंदिरा हृदयेश खुद एक-एक मतपत्र की जांच करेंगी। इसके बाद ही उसे बैलट बॉक्स में डाला जाएगा। यानी एक-एक विधायक की च्वाइस पता चल जाएगी। ऐसे में विधायक की पोल खुलने से क्रास वोटिंग की संभावनाएं नगण्य हो जाएंगी।
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस ने प्रदीप टम्टा और भाजपा ने निर्दलीय प्रत्याशी अनिल गोयल पर दांव लगाया है। कांग्रेस और उसकी समर्थक पीडीएफ के कुल मिलाकर 32 विधायक हैं। वहीं बीजेपी के पास केवल 27 विधायक हैं, जबकि जीत के लिए 30 विधायकों के समर्थन में वोट देने की दरकार है।
टम्टा की बनेंगी पोलिंग एजेंट
ऐसे में चर्चा थी कि भाजपा अनिल गोयल के पक्ष में कांग्रेस और पीडीएफ के विधायकों की क्रास वोटिंग करवा सकती है। इस संभावनाओं को देखते हुए कांग्रेस ने हर छोर को मजबूत किया है।
शुक्रवार को दिनभर कांग्रेस और पीडीएफ विधायकों से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने बातचीत की। इस दौरान मनमुटाव दूर किए गए। इसके बाद यह भी तय हुआ कि वित्त मंत्री और कांग्रेस की मुख्य सचेतक डॉ. इंदिरा हृदयेश राज्यसभा प्रत्याशी टम्टा की पोलिंग एजेंट बनकर मतदान के दौरान मौजूद रहेंगी। चुनाव के वक्त वह अपने और सहयोगी दलों के मिलाकर सभी 32 विधायकों के मतपत्र देखेंगी, कि किसने किसे वोट दिया। इसके बाद ही उन्हें मतपेटी में डाला जाएगा। यह कवायद क्रास वोटिंग करने वाले विधायक पर नकेल कसने के लिए की गई है।
क्या कहती हैं इंदिरा
यह कार्रवाई नियमानुसार संभव है। मैं प्रदीप टम्टा की पोलिंग एजेंट के तौर पर मौजूद रहूंगी और अपने व सहयोगी दलों के 32 विधायकों के मतपत्र देखूंगी। इस तरह से क्रास वोटिंग करना संभव नहीं होगा।
-डॉ. इंदिरा हृदयेश, वित्त मंत्री