चेक कर लीजिए, कहीं आपकी रसोई में एक्सपायर गैस सिलेंडर तो नहीं चल रहा है। अगर ऐसा है तो उसे तत्काल हटा दीजिए, नहीं तो यह सिलेंडर कभी भी बड़ा हादसा कर सकता है। बाजार में एक्सपायर रसोई गैस सिलेंडर चल रहे हैं। यह जान माल के लिए खतरा बने हुए हैं।
गैस एजेंसियों से टेढ़े-मेढ़े और जंग खाए सिलेंडर उपभोक्ताओं को दिए जा रहे हैं। यह रसोई गैस सिलेंडर अपनी अवधि पूरी कर चुके हैं यानी इनकी एक्सपायर डेट निकल गई है। यह नियमों के तहत निष्प्रयोज्य हैं। अवधि खत्म होने के बाद इनके प्रयोग पर रोक है । इसके बावजूद ऐसे सिलेंडर दिए जा रहे हैं। जानकारी के अभाव में उपभोक्ता इन सिलेंडरों का धड़ल्ले से प्रयोग कर रहे हैं।
इन सिलेंडरों की वजह से कभी भी हादसा हो सकता है। बाजार में दुकानों पर भी अवैध रूप से से ऐसे सिलेंडर बिक रहे हैं। बाजार में बड़ी तादाद में एक्सपायर सिलेंडर देखने को मिल रहे हैं। इन्हें ब्लैक में बेचा जा रहा है। एक रसोई गैस सिलेंडर की अधिकतम अवधि दस साल तक है। उसके बाद यह निष्प्रयोज्य हो जाता है। अवधि समाप्त होने पर गैस रिफलिंग के बाद यह कभी भी फ ट सकता है। सहालग में भी ऐसे सिलेंडरों की खपत की जा रही है। हालांकि इंडेन एजेंसी संचालकों दावा है कि एक्सपायर होने वाले सिलेंडर को कंपनी से रिफिल नहीं किया जाता है। बाजार में दुकानदारों के पास ऐसे सिलेंडर चलन में हो सकते हैं।
ऐसे जांचें कि सिलेंडर एक्सपायर है या नहीं
सिलेंडर के ऊपरी हिस्से में तीन पत्तियां लगी रहती हैं। इसमें दो पत्तियों पर सिलेंडर का वजन, तीसरी पत्ती में नंबर लिखे होते हैं। यह ए-10,बी-12 या डी -14 जैसे होते हैं।
इसमें रोमन अक्षरों का मतलब तिमाही के रूप में होता है। जैसे ए का मतलब जनवरी से मार्च तक , बी का मतलब अप्रैल से जून तक , सी का मतलब जुलाई से सितंबर व डी का मतलब अक्तूबर से दिसंबर तक ।
ए,बी,सी और डी अंकों के बाद लिखी संख्या एक्सपायरी वर्ष होती है।
जैसे किसी सिलेंडर पर लिखा है ए-15 तो इसका मतलब यह सिलेंडर मार्च 2015 में एक्सपायर हो चुका है।
एक्सपायर रसोई गैस सिलेंडरों के चलन की सूचना नहीं है। शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी। ऐसी समस्या मिले तो उपभोक्ता शिकायत करें। कार्रवाई की जाएगी।
दिलीप कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी