धर्मशाला। इलेक्ट्रिक स्कूटी में आई तकनीकी खराबी का स्थायी समाधान न करने पर कंपनी को नौ फीसदी ब्याज सहित 66,221 रुपये उपभोक्ता को लौटाने होंगे। उपभोक्ता को 15 हजार रुपये मुआवजा और 10 हजार रुपये मुकदमा फीस भी कंपनी को देनी होगी। इस राशि के भुगतान के बाद कंपनी शिकायतकर्ता के परिसर से स्कूटी को जैसी है, जहां है, उस स्थिति में वापस लेने के लिए स्वतंत्र है। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद और नारायण ठाकुर की अदालत ने आयोग के समक्ष कविता वोहरा निवासी पुराना कांगड़ा की शिकायत पर यह फैसला सुनाया है।
शिकायतकर्ता ने कहा था कि उन्होंनेे ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड से उनके स्थानीय डीलर के माध्यम से 25 अगस्त 2020 को 66,221 रुपये में इलेक्ट्रिक स्कूटर (दोपहिया वाहन) खरीदा था। कुछ समय तक इसका उपयोग करने के बाद उन्होंने पाया कि स्कूटी के बैटरी, कंट्रोलर, मोटर और इसके चार्जर में दिक्कत का आ रही है। कंपनी की ओर से किए गए वायदे के मुताबिक गारंटी से कहीं अधिक तेजी से बैटरी डिस्चार्ज हो रही थी और एक बार चार्ज करने पर स्कूटी केवल 15 से 20 किलोमीटर ही चल पा रही थी। वहीं, बैटरी पूरी तरह से चार्ज होने में बहुत अधिक बिजली खर्च कर रहा थी और कुछ समय उपयोग करने के बाद बैटरी गर्म हो रही थी। इसके अलावा इसकी मोटर भी अक्सर अचानक बंद हो जाती थी। स्कूटी में आ रही इन दिक्कतों को लेकर उन्होंने कंपनी के स्थानीय डीलर से कई बार जांच करवाई, लेकिन समस्या का हल नहीं हो पाया। इसके बाद डीलर ने स्कूटी की पुरानी मोटर को नए से बदल दिया, लेकिन इसके बाद भी ये समस्याएं लंबे समय तक बनी रहीं और इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया। सेवाओं में कमी के चलते उपभोक्ता की ओर से इस मामले को लेकर जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज करवाई। आयोग ने सभी तथ्यों को जांचने के बाद उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया।