बहादुरगढ़। शहर के सेक्टर-9 में एचएसवीपी की ओर से प्लॉट आवंटित किए जा चुके हैं लेकिन जिस जमीन पर सेक्टर विकसित किया गया उसका अधिग्रहण अब तक पूरा नहीं हुआ। छह माह बाद भी अधिग्रहण को लेकर रेट फिक्स नहीं किए गए हैं।
प्लॉट आवंटन की सूचना पर सैनीपुरा और जटवाड़ा के लोगों में रोष बढ़ गया है। लोगों ने सैनीपुरा के मुख्य रास्ते को बंद न करने और पुराने रास्ते को खुला रखने की मांग उठाई है। इसी मुद्दे को लेकर रविवार को ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की बैठक भी बुलाई गई है।
लोगों के मुताबिक, बहादुरगढ़ से दिल्ली के टीकरी बॉर्डर की ओर जाने वाले 99 फीट चौड़े शामलात रास्ते की जमीन का एचएसवीपी द्वारा आज तक अधिग्रहण नहीं किया गया। आरटीआई कार्यकर्ता रविंद्र सैनी द्वारा आरटीआई की जानकारी में इसका खुलासा हुआ था।
आरटीआई के अनुसार खसरा नंबर 2051 के तहत आने वाली करीब 14 बीघा 13 बिस्वा जमीन का अधिग्रहण लंबित है। बताया जा रहा है कि इस जमीन की मौजूदा कीमत करीब 20 करोड़ रुपये है।
अधिग्रहण पूरा न होने के बावजूद इसी जमीन पर सेक्टर-9 में पांच प्लॉट आवंटित कर दिए गए और मेट्रो यार्ड भी विकसित कर दिया गया। इस खुलासे के बाद एचएसवीपी के संपदा अधिकारी ने रोहतक प्रशासक को पत्र लिखकर मामले में रेट फिक्स करने की मांग की थी।
एचएसवीपी ने करीब छह माह पहले भूमि अर्जन अधिकारी (एलएओ) को जमीन के रेट तय करने के लिए पत्र लिखा था लेकिन अब तक मुआवजे की दरें तय नहीं हो सकी हैं। एचएसवीपी के संपदा अधिकारी विजय राठी ने बताया कि इस जमीन के रेट फिक्स करने के लिए पत्र लिख रखा है।
वहीं सैनीपुरा निवासी रविंद्र सैनी ने बताया कि अगर भूमि का पूरा अधिग्रहण होता है तो सैनीपुरा रास्ता बंद हो जाएगा। इससे सैनीपुरा और जटवाड़ा के हजारों लोगों की आवाजाही प्रभावित होगी।
जटवाड़ा निवासी नरेंद्र राठी ने बताया कि जमीन का अधिग्रहण किए बिना ही प्लाट काटे गए हैं। इससे प्लाट धारकों में भी भय बना हुआ है और सैनीपुरा रास्ता बंद होने की वजह से भी लोगों को परेशानी होगी। ऐसे में वैकल्पिक उपाय जरूर उठाए जाएं।