राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के जवाब में सीएम ने कहा कि 14वें वित्तायोग में केंद्र सरकार ने पंचायतों को सीधा धन देने की बात कही है। प्रदेश में जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों को सरकार अपने स्तर वित्तपोषण करेगी।
हिमाचल में आउट सोर्स पर कर्मचारियों की तैनाती हो रही है। ऐसे में इन ठेकेदारों को फायदा हो रहा है, जबकि कर्मचारियों को एक मजदूर से भी कम तनख्वाह मिल रही है। उन्होंने इन कर्मचारियों के लिए नीति बनाने की बात कही।
कहा कि नेता प्रतिपक्ष यदि सहकारी बैंक में लोन देने के एवज में कमीशन के साक्ष्य देते हैं तो सरकार इसकी जांच करेगी। इसमें कोई दोषी पाया जाता है उसे दंड दिया जाएगा। साथ ही बैंक में हुई भर्ती में भ्रष्टाचार के मामले में मुख्यमंत्री ने इस आरोप को सिरे से नकार दिया।
कहा कि सरकार ने कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम की स्थापना की है। इसके तहत विभिन्न विभागों की ओर से कौशल विकास की स्कीमों को इकट्ठा करके कार्यान्वयन किया जाएगा।
जहां गड़बड़ी, वहां की कार्रवाई- सीएम ने कहा कि पंचायतों तथा नगर निकायों में छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण मतदान हुआ है। तीन पंचायतों में गड़बड़ी पाई गई, वहां कानून के अनुसार कार्रवाई की गई।
वार्षिक योजना आकार बढ़ा- सीएम ने कहा कि सरकार के प्रयासों से राज्य का वार्षिक योजना आकार बढ़ा है। वर्ष 2014-15 में 4400 करोड़, वर्ष 2015-16 में 4800 करोड़, वर्ष 2016-17 के लिए यह आकार रुपये 5400 करोड़ प्रस्तावित है।
बेटी अनमोल योजना में पुरानी दरों में वृद्धि- बेटी है अनमोल योजना में पुरानी दर 300 रुपये से 1500 रुपये प्रतिवर्ष थी, जिसे बढ़ाकर 450 से 2250 रुपये किया है। बाल, बालिका सुरक्षा योजना में सहायता राशि 500 रुपये प्रति बच्चा से बढ़ाकर 2300 रुपये प्रति बच्चा प्रति माह की गई है।
स्वतंत्रता सेनानियों की सम्मान राशि 7500 से बढ़ाकर 10,000 रुपये की। उनकी विधवा पत्नियों एवं पुत्रियों की सम्मान राशि 3500 से बढ़ाकर 5,000 रुपये की है।
पेंशन की व्यवस्था शुरू- मनरेगा कार्यकर्ता, कृषि एवं बागवानी मजदूर, दुकानों में काम करने वाले तथा असंगठित क्षेत्र में कार्यरत कामगार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मिड-डे-मील कार्यकर्ता के लिए अंशदायी पेंशन योजना शुरू की गई।
3 साल में 20 नई उपतहसीलें खोलीं- तीन साल में 20 नई उप तहसीलें और सात नए राजस्व उपमंडल गत तीन वर्षों में खोले हैं। इसके अतिरिक्त 13 उप तहसीलों को तहसीलों में स्तरोन्नत किया है।
2 नमूने सही नहीं पाए गए- दिसंबर, 2015 और जनवरी, 2016 की अवधि में राजमा के 29 नमूने लिए गए। 27 नमूने मानकों के अनुसार पाए गए। दो नमूने मानकों के अनुसार नहीं पाए गए।
चर्चा में 34 विधायकों ने लिया भाग- चर्चा में कुल 34 सदस्यों ने भाग लिया। इनमें प्रतिपक्ष के नेता सहित 16 सदस्यों ने विपक्ष से भाग लिया तथा पक्ष के 16 सदस्यों एवं 2 अन्य सदस्यों ने भाग लिया।