हेसामुद्दीन इस बार भी मुख्तार के खिलाफ ठोकेंगे ताल
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लोकतंत्र के पर्व में अधिकांश प्रत्याशी जहां एक दो बार पराजय के बाद थककर बैठ जाते हैं वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो अपना अंजाम जानने के बाद भी मैदान में हर बार खड़े नजर आते हैं। ऐसे प्रत्याशी धरती पकड़ की तरह ही हर बार चुनाव लड़ते और हारते हैं। बावजूद इसके वह हिम्मत नहीं हारते।
ऐसे ही धरती पकड़ हैं मऊ शहर के क्यारीटोला पूराभीखन मोहल्ला निवासी हेसामुद्दीन। इस बार भी विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही एक बार फिर से नगर के धरती पकड़ हेसामुद्दीन चुनावी गतिविधियों में जुट गए हैं और पर्चा दाखिल करने के लिए लालायित हैं।
वह आठ बार लोकसभा, आठ बार विधानसभा के साथ ही दो बार नगरपालिकाध्यक्ष का भी चुनाव लड़ चुकने का दावा करते हैं। इस बार वह सदर विधानसभा सीट से मुख्तार अंसारी सहित अन्य दलों के प्रत्याशियों को टक्कर देने के लिए फिर से मैदान में जुट गए हैं।
चुनाव जीतकर वह मऊ में हवाई अड्डा का निर्माण कराना चाहते हैं। एक बार वह राष्ट्रपति के चुनाव में नामांकन करने की तैयारी कर चुके थे लेकिन किन्हीं कारणों से नामांकन करने के लिए नहीं जा पाए।
हेसामुद्दीन (72) का चुनाव लड़ने का अनुभव काफी पुराना है। यह अलग बात है कि उन्होंने न कभी चुनाव जीता और न ही अपनी जमानत ही बचा पाए। बावजूद इसके वह कोई चुनाव छोड़ते नहीं हैं। पिछली बार लोकसभा चुनाव में उनका आखिरी वक्त में पर्चा दाखिल नहीं हो पाया था लेकिन इस बार वह पहले से ही तैयारी में जुटे हैं।
वह बताते हैं कि आठ बार लोकसभा का चुनाव और आठ बार विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं।
2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने मुख्तार अंसारी के खिलाफ चुनाव लड़ा था। इनका चुनाव चिह्न छत का पंखा था। इन्हें 759 वोट मिले थे।