सब डिवीजनों के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों के सामूहिक अवकाश पर जाने से कहीं उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ी तो कहीं मौज रही। शहरी क्षेत्र में कई जगह फाल्ट होने से उपभोक्ता परेशान रहे तो गांवों में शेड्यूल से अधिक बिजली मिली। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कट नहीं होने से निगम की करीब एक करोड़ यूनिट बिजली ज्यादा खर्च हो गई है। हालांकि फाल्ट की शिकायत आने पर वहां प्राइवेट कर्मियों को भेजकर उसे ठीक करवाया गया।
सरकार ने शहर की सब डिवीजन नंबर एक और दो को ठेके पर देने की तैयारी की हुई है। इसके विरोध में बुधवार को जिलेभर के बिजली कर्मी सामूहिक अवकाश पर रहे, जो मंगलवार रात दस बजे से बुधवार रात दस बजे तक चली। इससे सबसे ज्यादा परेशानी शहर के उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ी। क्योंकि कई जगह लाइन में फाल्ट ठीक नहीं हो सका। बिजली निगम ने जिन प्राइवेट कर्मियों को फाल्ट ठीक करने में लगाया था, वे दिनभर जूझते नजर आए।
गांवों में बिजली का शेड्यूल दिन में सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे और शाम को सात बजे से सुबह पांच बजे तक है, लेकिन बिजली कर्मियों के मंगलवार रात को अवकाश पर जाने के कारण बुधवार सुबह पांच बजे किसी भी बिजली घर से शेड्यूल के अनुसार बिजली कट नहीं की गई। इससे सप्लाई लगातार चलती रही और गांवों में बुधवार को भरपूर बिजली मिली। बिजली निगम अधिकारियों की मानें तो इससे लगभग एक करोड़ यूनिट बिजली ज्यादा खर्च हो गई। हालांकि बिजली कर्मचारी बुधवार रात दस बजे फिर से काम पर लौट आए, लेकिन शेड्यूल के अनुसार शाम सात बजे से सप्लाई चालू होने के कारण फिर भी बिजली कट नहीं की गई। इस तरह ग्रामीण क्षेत्रों में 34 घंटे तक लगातार बिजली की सप्लाई होती रही।
124 से ज्यादा शिकायतें दर्ज, फाल्ट होने से कचहरी परिसर में बिजली गायब बिजली निगम के शिकायत केंद्र में बुधवार को शाम तक 124 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से अधिकतर शिकायतें निजी तौर पर उपभोक्ताओं की रहीं। लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी सुभाष चौक के आसपास रही, जहां बुधवार सुबह ही फाल्ट हो गया था। इससे कचहरी परिसर के अलावा कई सरकारी भवनों में बिजली गायब रही। इसके लिए शिकायत केंद्र में लगातार फोन आते रहे, लेकिन प्राइवेट बिजली कर्मी शाम को ही उसे ठीक कर सके।
....तो निगम के पास है पूरी बिजली कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश के बाद यह साफ हो गया है कि निगम के पास इतनी बिजली है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में 24 घंटे सप्लाई हो सकती है। क्योंकि बुधवार को शहर और ग्रामीण क्षेत्र दोनों जगह लगातार सप्लाई होती रही।
ज्ञानचंद, एसई बिजली निगम ने बताया कि बिजली कर्मियों के अवकाश पर जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती नहीं की गई और वहां लगातार सप्लाई चलती रही। इससे कितनी बिजली ज्यादा खर्च हुई है, यह बृहस्पतिवार को पता लग सकेगा। लेकिन यह जरूर है कि काफी यूनिट ज्यादा खर्च हो गई है। बिजली में कट इसलिए भी नहीं किया गया, क्योंकि कट करने के बाद दोबारा शुरू करने से फाल्ट होने का डर रहता है।