राज्य में फल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई फल पट्टियों का विकास किया जाएगा। इसके अलावा सरकार बर्बाद हो चुके फल उद्यानों की स्थिति सुधारने के लिए नई योजनाएं तैयार कर रही है।
विधानसभा सत्र के दौरान उद्यान मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने सदन में 253.13 करोड़ के विभागीय बजट का मसौदा सदन में रखा, जिसे लंबी चर्चा के बाद मंजूरी दे दी गई।
इससे पूर्व उद्यान मंत्री की गैर मौजूदगी में नेता सदन हरीश रावत ने सरकार की योजनाओं का खाका पेश किया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजना भगवानपुर में आम के बागों से लेकर नौगांव तक सेब के बागान विकसित करने की है। मेरा वृक्ष मेरा धन योजना के अपेक्षित परिणाम सामने आए हैं।
विपक्ष ने किया सरकार की औद्योनिक नीतियों का विरोध:
सरकार फलदार पौधों पर बोनस देने का काम कर रही है। किसानों द्वारा उत्पादन किए गए फलों के समुचित विपणन की व्यवस्था हो, इसके लिए आबकारी विभाग को निर्देशित किया गया है कि आबकारी से जुड़े उत्पादों में फलों के जूस का पांच प्रतिशत उपयोग हो।
हालांकि विपक्ष के मदन कौशिक ने सरकार की औद्योनिक नीतियों का विरोध करते हुए कहा कि सरकार की सारी नीतियां विफल साबित हुई हैं।
सरकार की ओर से दावे तो बहुत किए जा रहे हैं, करोड़ों का बजट भी खर्च किया जा रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि धरातल पर कुछ भी नहीं हो रहा है।
उन्होंने आंकड़ा पेश करते हुए कहा कि महज 20 फीसदी लक्ष्यों को हासिल किया जा सका है। यह स्थिति तब है जबकि राज्य में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं।