बहादुरगढ़। सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (एसयूसीआई) ने रसोई गैस, डीजल, पेट्रोल और सीएनजी की लगातार बढ़ती कीमतों को वापस लेने की मांग करते हुए सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की है। हरियाणा राज्य कमेटी के सचिव जयकरण मांडौठी और राजेंद्र सिंह ने कहा कि ईंधन और गैस की कीमतों में वृद्धि गलत और जनविरोधी है। डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में इजाफा हुआ है और आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ गया है। रसोई गैस सिलेंडर की 29 रुपये की बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले 19 महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में करीब 29 प्रतिशत गिरावट हुई, लेकिन इसका लाभ जनता को नहीं दिया गया। इसके बजाय कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए डीजल-पेट्रोल महंगे किए गए। सरकार अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को कारण बनाकर जनता पर आर्थिक बोझ डाल रही है, जबकि तेल कंपनियों पर कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया। एसयूसीआई ने जनता से अपील की है कि वे महंगाई और ईंधन कीमतों के खिलाफ हर स्तर पर विरोध दर्ज कराएं।