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बड़ी राहत: 'जाति प्रमाणपत्र' मामले में पंजाब सरकार ने उठाए बड़े कदम

Tue, 05 Jul 2016 10:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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ऑफिस - फोटो : demo pics
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अब अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र बनवाने के मामले में अब बार-बार नहीं काटने होंगे सरकारी ऑफिस के चक्कर। इस मामले में पंजाब सरकार ने उठाए बड़े कदम। दरअसल पंजाब में अब अनुसूचित जाति के लिए जारी जाति प्रमाणपत्र ताउम्र के लिए वैध हाेंगे। इस स्कीम को लागू करने के लिए आवश्यक सेवा शर्तें शीघ्र बनाई जाएंगी। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रमाणपत्र जन्म के समय ही बनाया जाए, ताकि सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। यह घोषणा उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने मंगलवार को प्रदेशभर के जिला उपायुक्तों के साथ बैठक की अध्यक्षता के दौरान की।
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उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रशासकीय सुधारों की दिशा में कदम उठाते हुए राज्य के समूह ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा केंद्र 11 अगस्त और शहरी क्षेत्रों में 21 जुलाई तक सुचारू रूप से कार्य करना आरंभ कर देंगे। उन्होंने बताया कि इन सेवा केंद्रों के चालू होने से शहरी नागरिकों की तर्ज पर ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को भी समूह नागरिक सेवाएं एक छत के नीचे मिलेंगी।

सुखबीर ने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार का लक्ष्य रहा है कि राज्य के नागरिकों को हुनर विकास दिशा में शिक्षित किया जाए। दो सितंबर तक राज्य के सभी हुनर विकास केंद्रों को पूरा कर अधिक से अधिक नवयुवकों को हुनरमंद बनाया जाएगा।
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उन्होेंने निर्देश दिए कि उपायुक्त अपने अपने जिले में बन रहे इन हुनर विकास केंद्रों की प्रगति का जायजा लें। सरकार की भलाई स्कीमाें को जमीनी स्तर पर लागू किए जाने के विषय पर जोर देेते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भगत पूरन सिंह स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत कार्ड 15 जुलाई तक सभी लाभपात्रियों को वितरित किए जाएं। अधिकारियों ने उपमुख्यमंत्री को बताया कि राज्य में अब तक 27 लाख कार्ड वितरित किए जा चुके हैं और हर माह 11,000 लाभपात्री इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।

सुखबीर ने शहरी एवं ग्रामीण विकास मिशन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि अलाट किए टेंडरों का कार्य बिना किसी देरी से आरंभ किया जाए। उन्होंने कहा कि इस मिशन का कार्य एक नवंबर तक पूरा कर लिया जाए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नवंबर 2016 तक मनरेगा के तहत ग्रामीण मिशन के लिए 500 करोड़ की राशि पूरी तरह प्रयोग की जानी चाहिए। फंडों के उपयोग के संबंध में डीसी मासिक रिपोर्ट भेजना विश्वसनीय बनाएं।

उपायुक्त वह यकीनी बनाएं कि उनके जिलों में जुलाई माह के अंत तक आटा दाल लाभपात्रियों को कार्ड बांट दिए जाएं। बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री सिकंदर सिंह मलूका, मुख्य सचिव सर्वेश कौशल, अतिरिक्त मुख्य सचिव एनएस कलसी, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य विनी महाजन, उपमुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव पीएस औजला, विशेष प्रमुख सचिव मनवेश सिंह सिद्धू और राहुल तिवाड़ी उपस्थित थे।
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