गोरखनाथ मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलने पर बम स्क्वाएड दस्ते के साथ पहुंचे एसपी (सिटी) ने मंदिर परिसर की तलाशी ली लेकिन कुछ मिला नहीं। धमकी इंटरनेट कॉल के जरिए कुशीनगर, कप्तानगंज के सर्राफ के मोबाइल पर दी गई थी। गुगल पर उनका नंबर गोरखनाथ थाना के नाम से सेव है।
कुशीनगर, कप्तानगंज के वार्ड नंबर में रहने वाले सर्राफ विपुल खेतान के मोबाइल नंबर गलती से गुगल पर गोरखनाथ थाना के नाम से दर्ज है। शनिवार की दोपहर 3:01, 3:07, 3:08 से इंटरनेट से कॉल आया। फोन करने वाले ने अंग्रेजी में बात करते हुए गोरखनाथ मंदिर में बम रखे जाने के साथ ही कुछ देर में विस्फोट होने की सूचना दी। विपुल ने फोन करने वाले का नाम, पता पूछने तो उसने बताने से इन्कार कर लिया। थाने का नंबर न होने की जानकारी देने पर उन्होंने फोन करने वाले से आईजी, डीआईजी के पास फोन करने को कहा जिसके बाद उसने फोन काट दिया। मामले की जानकारी सर्राफ ने तुरंत एसपी कुशीनगर को दी देने के साथ ही व्हाट्सएप से तहरीर की कॉपी भेज दी। एसपी कुशीनगर के बताने पर उन्होंने एसएसपी गोरखपुर को मामले की जानकारी दी। शाम साढ़े चार बजे एसपी (सिटी) हेमराज मीना, सीओ गोरखनाथ, एसओ गोरखनाथ बम स्क्वाएड और फोर्स के साथ गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। महंत आदित्यनाथ को पूरे मामले की जानकारी देने के साथ ही पूरे मंदिर परिसर की चेकिंग की लेकिन कुछ मिला नहीं। पुलिस सर्राफ के मोबाइल पर इंटरनेट कॉल से फोन करने वाले के बारे में छानबीन कर रही है।
तीन महीने से परेशान है सर्राफ
गुगल पर अपना मोबाइल नंबर गोरखनाथ थाना के नाम से सेव होने के कारण सर्राफ विपुल खेतान तीन महीने से परेशान है। उनके नंबर पर लोग फोन कर अपनी परेशानी बताते हैं। दिसंबर 2015 में उन्होंने मामले की जानकारी आईजी, डीआईजी के साथ ही एसपी कुशीनगर को दिया लेकिन मामले का समाधान नहीं हुआ।