जिले के पाटी विकासखंड के खरही ग्राम पंचायत में चल रही कृष्ण लीला शुक्रवार को नवें दिन भी जारी रही। नवें दिन की लीला में गोपियां अपने आराध्य देव श्री कृष्ण को वर के रुप में प्राप्त करने गंगातट पर मां कात्यायनी की पूजा करती हैं। इसके बाद वे अगहन मास में स्नान करने पनघट में जाती हैं।
यमुना में गोपियां स्नान करती हैं लेकिन श्रीकृष्ण उनके सारे कपड़े चुराकर कदम के पेड़ पर चढ़ जाते हैं। गोपियों के चिल्लाने पर श्री कृष्ण मुरली बजाकर गोपियों को अपने-अपने वस्त्रों को ले जाने को कहते हैं और गोपियों से कहते हैं कि जल में बिना वस्त्र पहने स्नान करना पाप है, जल में वरुण देव का वास होता है। गोपियों के क्षमा याचना करने पर कृष्ण उनके वस्त्रों को लौटा देते हैं।
उसके बाद गोपियां कृष्ण की मुरली चुराने की योजना बनाती हैं और आंखों में पट्टी बांधकर आंख मिचोली खेल के दौरान मुरली चुरा लेती हैं। कृष्ण को काफी सताने के बाद राधा मुरली लौटा देती है। जमुना तट पर हंस और ब्राह्मण तपस्या करते हैं इतने में अरिष्ठासुर नामक दैत्य कहता है कि इस नगरी मे राम नाम लेने वाले का उदर फाड़कर इसकी आंतों की माला बनाकर लटकाऊंगा। लेकिन कृष्ण सुदर्शन चक्र से उसका सिर काट देते है और ब्राह्मणों की रक्षा करते हैं।