संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायकों को रोके जाने और पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत अन्य विधायकों के साथ कथित धक्का-मुक्की को लेकर झज्जर से कांग्रेस विधायक और पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर पुलिस प्रशासन ने चुने हुए जनप्रतिनिधियों को विधानसभा में प्रवेश करने से रोका गया।
गीता भुक्कल ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस के विधायक विरोध स्वरूप काले कपड़े पहनकर विधानसभा जा रहे थे। विधानसभा के गेट पर उन्हें रोक दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई विधायकों के साथ धक्का-मुक्की हुई। इसमें कुछ को चोटें भी आईं। भुक्कल ने दावा किया कि हुड्डा के कपड़े फाड़ने का प्रयास किया गया।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पुलिस का काम चुने हुए जनप्रतिनिधियों को विधानसभा के सत्र में जाने से रोकना है। भुक्कल ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष केवल भाजपा के नहीं बल्कि पूरे सदन के संरक्षक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के आठ विधायकों को नाम लेकर सदन से बाहर किया गया जबकि सत्ता पक्ष के विधायकों द्वारा भी सदन में नियमों का उल्लंघन किए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन लाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के 30 विधायकों द्वारा हस्ताक्षर किए गए मुद्दों पर चर्चा नहीं कराई जाती जबकि विपक्ष के अन्य विधायकों के ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने पर भुक्कल ने कहा कि देश और प्रदेश में अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात हैं।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति और विपक्ष को अपनी बात रखने तथा शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने का अधिकार है। संवैधानिक संस्थाओं का कथित दुरुपयोग कर विपक्ष की आवाज दबाना लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।