लोकायुक्त पुलिस की गिरफ्त में वनरक्षक
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मध्यप्रदेश में खरगोन जिले के भिकनगांव ब्लॉक में लोकायुक्त पुलिस ने एक रिश्वतखोर वनरक्षक को रंगे हाथों रिश्वत की राशि के साथ पकड़ा है। दरअसल, वनरक्षक ने खेत में समतलीकरण का काम कर रहे एक जेसीबी संचालक से वहां फॉरेस्ट की जमीन बात कर 50,000 रुपये की मांग की थी और उसका काम बंद करवा दिया था। बाद में 20,000 रुपये में लेन-देन तय हुआ था। इसमें से 10,000 रुपये वह ले चुका था। शुक्रवार को बचे 10,000 रुपये लेते हुए उसे जेसीबी संचालक ने लोकायुक्त पुलिस के जरिए पकड़वा दिया।
इधर, इस मामले में शिकायतकर्ता सिद्धार्थ गौड़ ने बताया कि उनकी मशीन एक किसान के खेत में कई दिनों से चल रही थी। इसी बीच रामलाल नाम के वनरक्षक ने वहां पहुंचकर उनकी गाड़ी बंद करवा दी और उनसे 50,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी, जिसके फाइनल राशि 20,000 रुपये तय हुई थी। इसमें से 10,000 वे उन्हें पहले दे चुके थे और 10,000 आज उन्हें लेते हुए लोकायुक्त पुलिस ने पकड़ लिया।
खेत को फॉरेस्ट की जमीन बता रुकवाया काम
वहीं, इस पूरी कार्रवाई को करने वाली लोकायुक्त टीम के डीएसपी दिनेश पटेल ने बताया कि फरियादी सिद्धार्थ गौड़ ने शिकायत की थी कि उनका जेसीबी दिनेश के खेत में समतलीकरण करने को लेकर चल रहा था। वहां रामलाल सिटोके वनरक्षक आया और उनसे कहा कि तुम्हें जेसीबी चलाना हो तो 20,000 रुपये रिश्वत देना पड़ेगी। यह फॉरेस्ट की जमीन है और उसने वहां काम बंद करवा दिया। इस शिकायत की जांच करवाने पर सही पाई गई, जिसके बाद आज रामलाल सिटोके वनरक्षक को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।