त्योर बुजुर्ग में बुखार से दो और मरीजों की मौत
छतारी। त्योर बुजुर्ग गांव में रहस्यमयी बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को भी एक महिला और बच्चे की मौत हो गई। पिछले चार दिनों के भीतर बुखार से नौ लोगों की जान जा चुकी है। गांव को ऐसा कोई घर नहीं है, जहां लोग बीमार न हों। गांव मूड़ा करीमपुर में भी दर्जनो लोग बीमार हैं।
त्योर बुजुर्ग में पिछले डेढ़ माह से बुखार का प्रकोप चल रहा है। इस दौरान गांव में रहस्यमयी बुखार से 25 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में बच्चों और युवाओं की संख्या ज्यादा है। गांव की सरिता (34) पत्नी चंद्रपाल और लकी (5) पुत्र कुलदीप को कई दिनों से बुखार आ रहा था। सरिता को शनिवार देर रात अलीगढ़ के निजी अस्पताल में भती कराया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई, जबकि लकी ने घर में ही दम तोड़ दिया। गांव में मानवेंद्र, रानी, निर्देश, भूमिका, तन्नु, कमलेश, दीपू कुशवाह, गवेंद्र सिंह, अजय, आकाश शर्मा, प्रियंका शर्मा, अकुंश, लोकेश शर्मा, अवधेश, सरोज देवी, योगेश समेत कई बीमार है।
अब तक इनकी हो चुकी मौत
सपना (16) पुत्री राजू, अश्फाक खां (60), माहिरा (एक वर्ष), हरिशंकर शर्मा (70), हिना गौतम (15) पुत्री नत्थू सिंह, सुमन (34) पत्नी रवि, चम्पा देवी (70), मुमत्याज खां, अस्तारा खां, अरुण, प्रेम, रिहान, उर्मिला, कालू की मौत हो चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग ने लगाया कैँप
रविवार को सीएमएस ने टीम के साथ गांव में कैंप लगाया और दवाओं का वितरण किया। कई स्थानों पर एंटी लार्वा का भी छिड़काव कराया गया। चिकित्साधिकारी पहासू डॉ. मनोज चौधरी ने बताया गांव में 12 स्थानों पर चिकित्सक कैंप कर रहे है।
खानापूर्ति कर रहा स्वास्थ्य विभाग
गांव त्यौर बुजुर्ग निवासी प्रदीप चौहान ने बताया कि पिछले आठ दिनों से स्वास्थ्य विभाग की टीम सिर्फ खानापूर्ति कर रही है। दवाओं के नाम पर एक दो गोली देकर टालमटोल किया जा रहा है। जिसके चलते हालात बिगड़ रहे है। ग्राम प्रधान जयश्री देवी ने बताया गांव में नियमित साफ सफाई कराई जा रही है। मच्छरों के प्रकोप से बचने के लिए फॉगिंग कराई गई है