किसानों ने घेरा डालो-डेरा डालो आंदोलन करने का फैसला लिया है
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कानपुरः उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण निगम (यूपीसीडा) की मंधना में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) योजना से प्रभावित गांव के किसानों ने जमीन वापस किए जाने की मांग दोहराई है। रविवार को नारामऊ स्थित किसान आंदोलन के कार्यालय में हुई बैठक में किसानों ने मंधना योजना को अधिग्रहण से मुक्त (डि-नोटीफाई) करने के दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की है। यूपीसीडा से जुड़ी मांगों के संबंध में किसानों ने घेरा डालो-डेरा डालो आंदोलन करने का फैसला लिया है। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
किसान आंदोलन के प्रदेश संयोजक अजय अनमोल ने कहा कि प्रदेश भर में भूमि अधिग्रहण के नाम पर किसानों का शोषण किया जा रहा है। घेरा डालो-डेरा डालो आंदोलन में प्रदेश भर के किसान यूपीसीडा गेट पर अनिश्चितकालीन धरना देंगे। जल्द ही इसकी तारीख तय की जाएगी।
किसान नेता सूर्य प्रकाश तिवारी ने कहा कि यूपीएसआईडीसी अधिकारी कई बार मंधना योजना की जमीन अधिग्रहण से मुक्त करने की बयानबाजी कर चुके हैं। जब तक ऐसा न हो जाए, यकीन करना मुश्किल है। घेरा डालो-डेरा डालो आंदोलन के लिए किसानों में उत्साह है। पूर्व प्रधान सिद्धनाथ तिवारी, राधेश्याम त्रिपाठी, प्रधान श्रीकांत शुक्ला, अशोक बाजपेयी, मुकेश यादव, किरन तिवारी, लक्ष्मी पांडेय, सुनीता मिश्रा आदि रहे।